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Jalaun News: अपना दल के कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी व विधायक के खिलाफ की नारेबाजी

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उरई। अपना दल एस युवा मंच के प्रदेश महासचिव पर रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज कार्यकर्ताओं ने सदर विधायक व एबीवीपी के खिलाफ नारेबाजी की। इन लोगों ने कहा कि सदर विधायक के संरक्षण में एबीवीपी के कार्यकर्ता अवैध वसूली कर रहे हैं। एएसपी ने समझाकर पूरे मामले की जांच करने की बात कही। इसके बाद कार्यकर्ता माने।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के शहीद भगत सिंह चौराहे पर अजहर कुरैशी ने एक आईटीआई संस्थान का पंजीयन केंद्र खोले हुए है। इसी पंजीयन केंद्र में बुधवार की दोपहर को एबीवीपी से जुड़े कुछ लोग पहुंच गए और केंद्र को फर्जी बताने लगे। केंद्र पर मौजूद लोगों ने केंद्र को सही और नियमानुसार संचालित बताया। इस पर दोनों ओर से धक्कामुक्की होने लगी।
किसी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी तो सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, कोतवाल अरुण कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। रात में एबीवीपी के पदाधिकारी चित्रांशू सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अपना दस एस के प्रदेश महासचिव ओंकार सिंह सहित तीन के खिलाफ मारपीट में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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गुरुवार को जब इसकी जानकारी पार्टी कार्यकर्ताओं को लगी तो वह आक्रोशित हो गए। जिलाध्यक्ष अनिल अटरिया की अगुवाई में सौ से ज्यादा कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे और सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा व एबीवीपी के खिलाफ नारे लगाने लगे। उनका कहना था कि मामले में जब किसी भी तरह की मारपीट नहीं हुई तो रिपोर्ट कैसे दर्ज कर ली गई।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि सदर विधायक के कहने पर उनके कार्यकर्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उनके ही संरक्षण में एबीवीपी के कार्यकर्ता खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो वह पूरे जिले में धरना प्रदर्शन करेंगे। एएसपी प्रदीप कुमार के समझाने पर कार्यकर्ता माने और चले गए।
इस दौरान प्रदेश महासचिव ओंकार सिंह, युवा जिलाध्यक्ष अनिल कुदारी, अजहर कुरैशी, रोहित राठौर, दीपू सिरोठिया,महेंद्र भदारी, दुर्गेश गुप्ता, रामबाबू कुशवाहा, लाल सिंह बगिया, प्रांजुल पटेल, पवन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
प्रकरण क्या है। इसकी जानकारी न तो अपना दल एस के कार्यकर्ताओं ने दी और न ही एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने बताया। इस वजह से मैं इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहता। अगर वह मेरे खिलाफ वह नारेबाजी कर रहे हैं तो उन्हें आत्ममंथन करने की जरूरत है।
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गौरशंकर वर्मा, सदर विधायक
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