पुलिस गिरफ्त में आरोपी लिपिक अमन कुमार वर्मा।
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उरई। सेवानिवृत्त कर्मचारी के बीमा व इंक्रीमेंट की धनराशि निकलवाने के एवज में 15 हजार रुपये लेते लिपिक को झांसी से आई एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। टीम उसे कोतवाली ले गई, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसे लखनऊ भेज दिया गया। पीड़ित ने बताया कि लिपिक एक वर्ष से उसे परेशान कर रहा था।
सिरसाकलार थाना क्षेत्र के इटहिया निवासी रामलला दीक्षित नलकूप विभाग में ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। वह 31 जनवरी 2024 को सेवानिवृत्त हो गए थे। सेवानिवृत होने के बाद कुछ धनराशि का भुगतान उन्हें हो गया था। जबकि बीमा व इंक्रीमेंट की धनराशि का भुगतान नहीं हुआ था। इस पर उसने कई बार उच्च अधिकारियों को भुगतान के संबंध में प्रार्थना पत्र भी दिया। लेकिन भुगतान फिर भी नहीं हो पाया था।
इसके बाद वह नलकूप खंड प्रथम में तैनात कालपी के मोहल्ला मिर्जा मंडी निवासी लिपिक अमन कुमार वर्मा से मिला। तो उसने बीमा व इंक्रीमेंट के एवज में भुगतान की धनराशि का बीस प्रतिशत देने की मांग की। इस पर उसने लिपिक को 15 हजार रुपये देने के लिए कहा। रुपये देने के लिए 11 फरवरी की तारीख निश्चित हुई थी। इसके बाद उसने झांसी भ्रष्टाचार निवारण संगठन टीम को सूचना दी।
मंगलवार को टीम उरई आई और टीम कर्मचारी को साथ में लेकर नलकूप खंड प्रथम सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंची तो वहां कक्ष संख्या दो में बैठे लिपिक अमन कुमार वर्मा को 15 हजार रुपये दिए। तभी टीम ने रंगे हाथों लिपिक को गिरफ्तार कर लिया। टीम की इस कार्रवाई से खलबली मच गई। टीम उसे कोतवाली ले गई। जहां रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उसे लखनऊ भेज दिया गया। टीम में निरीक्षक श्याम सिंह, चतुर सिंह, सूर्ययेंद्र सिंह, मोहम्मद आरिफ, इरशाद खां, राहुल कुशवाहा, जितेंद्र सिंह, शिवम गुप्ता, शिवकुमार द्विवेदी, शंकरलाल, कमल आदि रहे।