कलक्ट्रेट में बैठक लेते डीएम मन्नान अख्तर
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उरई। अन्ना पशुओं के संरक्षण को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ मन्नान अख्तर ने दो टूक शब्दों में कहा कि जैसे भी हो अन्ना मवेशी सड़कों पर नहीं दिखने चाहिए। जब तक गोशालाएं बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक ऐसे सरकारी भवनों को प्रयोग में लाया जा सकता है, जिनका फिलहाल कोई उपयोग नहीं हो रहा है। बताया कि 10 ऐसे मार्गों को चिह्नित किया गया है, जहां पर अन्ना मवेशियों का जमावड़ा लगता है। खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द उन्हें सड़कों के हटाने का प्रयास शुरू कर दें।
बता दें कि अन्ना मवेशी काफी समय से किसानों के लिए समस्या बने हुए हैं। जिनके कारण लाख प्रयास के बाद भी किसान अपनी फसलों को मवेशियों से नहीं बचा पा रहे हैं। अब जब सर्दियों में मटर का सीजन आने वाला है तो किसानों को एक बार फिर रात को पहरेदारी की चिंता सताने लगी है। इसके अलावा हाईवे और सड़कों पर घूमते अन्ना मवेशी भी राहगीरों के लिए हादसों का कारण बन रहे हैं।
बांदा में एआरटीओ की गाड़ी के हादसे का शिकार होने के बाद अब प्रशासन ने सड़क से मवेशियों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीएम ने कहा कि अधिकारी पशुओं की टैगिंग कराएं, जिससे पिछले साल की तुलना में उनकी बढ़ी हुई संख्या सामने आ सके। जहां पर भी स्थायी, अस्थायी गोशालाओं का निर्माण कार्य चल रहा है, उसकी प्रगति रिपोर्ट भी जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए। गैर उपयोगी सरकारी भवनों की तरह सार्वजनिक भूमि पर भी अन्ना मवेशियों का संरक्षण किया जाएगा।
इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जिसका नोडल अधिकारी जिला पशु चिकित्साधिकारी को बनाया जाएगा। हाईवे पर घूमते जानवरों को भी बांधने की व्यवस्था होगी। जिनके पशु अन्ना घूमते पाए उनके पालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई कि नगर पालिकाओं में गोशाला के लिए भूमि चिह्नित हुई है पर काम अभी भी रफ्तार नहीं पकड़ सका है। कहा कि सभी गोशालाओं को दो हिस्सों में विभाजित किया जाए, एक में सांड़ और दूसरे में गाय व बछड़े रखे जाएं।
छत पर चढ़ा अन्ना मवेशी, पहुंची दमकल
कुठौंद। अन्ना मवेशी ग्रामीणों के लिए किस कदर सिरदर्द बने हैं, इसकी बानगी गुरुवार को कुठौंद के ग्राम शेखपुर बुजुर्ग में देखने को मिली जब एक मवेशी सीढ़िया चढ़ते हुए सीधे स्टेडियम की छत पर चढ़ गया। गांव वालों ने देखा तो वहां भीड़ लगने लगी। कुछ ग्रामीण छत तक चढ़े पर मवेशी को नीचे उतारने में सफल नहीं हो सके। कुछ देर बाद सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सिपाहियों ने भी डंडे पटककर मवेशी को उतारने का प्रयास किया लेकिन पसीने छोड़ गए और मवेशी भी छत पर ही बैठ गया। आखिर में पुलिस ने दमकल को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल ने सीढ़ी लगाकर रस्से के सहारे मवेशी को सीधे छत से नीचे सड़क पर उतार दिया। ग्रामीणों ने बताया कि स्टेडियम परिसर में भी पूरे दिन मवेशियों का जमावड़ा लगता है। कुछ लोग अपने पालतू जानवर भी यहीं छोड़ जाते हैं।