बता दें कि प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी अन्ना मवेशी किसानों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं। रात-रात जाग कर रखवाली करने के बाद भी अन्ना मवेशी किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे है। अभी कुछ दिनों पूर्व आटा में अन्ना ने कहर बरपा कर करीब 35 बीघा फसल को नष्ट कर दिया था।
क्षेत्र के किसान अभी इसे भूले भी नहीं थे कि एक बार फिर अन्ना के झुंड ने थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम भदरेखी में किसान इंद्रपाल पुत्र फूलसिंह की गेहूं की फसल पर कहर बरपाकर पांच बीघा की फसल नष्ट कर दी। गनीमत यह रही कि समय रहते आस पड़ोस के किसानों ने मवेशियों को देख लिया, जिससे उनके खेत का नुकसान बच गया। वहीं इंद्रपाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर मुआवजा दिलाने की मांग की।
बीमारी से हुई थी गायों की मौत
उरई। ग्राम बोहदपुरा की गोशाला में हुई गायों की मौत के मामले में बुधवार को उप जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। उप जिलाधिकारी विकास कश्यप ने बताया कि कुछ लोगों ने अफवाह फैलाई थी कि गोशाला में भूख से 50 गायों की मौत हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के निर्देश दिए थे। जांच में पाया गया कि गोशाला में बीमार चल रहीं 5 गायों की मौत हुई है। वह काफी समय से बीमार थी, जिनका उपचार भी चल रहा था। उन्होंने बताया कि सभी गायों के शव को दफना दिया है। वह जल्द ही अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे।