उरई। सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंशों की जिम्मेदारी पुलिस को सौंपी गई है। पुलिस इसमें ठोस कार्रवाई करे और सड़कों को अन्ना से मुक्त कराए। जिले में चिह्नित 10 सड़कों पर अन्ना मिलने की शिकायत पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह बात जिले की प्रभारी मंत्री व उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की राज्यमंत्री नीलिमा कटियार ने विकास भवन सभागार में समीक्षा बैठक में कही।
प्रभारी मंत्री जिले के दो दिवसीय दौरे पर आईं हैं। रविवार को उन्होंने प्रत्येक विभाग की बिंदुवार समीक्षा की और जिम्मेदारों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। सबसे पहले प्रभारी मंत्री ने पिछली बैठक की कार्रवाई की समीक्षा की। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में जानकारी ली तो एआरटीओ सोमलता ने बताया कि जिले में 5 प्रदूषण केंद्र स्थापित हैं, जिनमें तीन केंद्र क्रियाशील है। जिस पर आनलाइन जांच की जाती है। आनलाइन व्यवस्था के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं।
एआरटीओ ने बताया कि एक कंप्यूटर की मांग शासन से की गई है पर अभी तक मांग पूरी नहीं की गई। इस पर प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि लाइसेंस बनाने में पारदर्शिता बरती जाए और शिकायतों का निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। इसके बाद उन्होंने गोशाला व गोवंश की स्थिति को लेकर समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने क्षेत्र में उन स्थानों को चिह्नित करें, जहां पर जानवर बैठते हों और अभियान चलाकर उन्हें सड़कों से हटवाएं। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि अगर कोई भी पशुपालक अपने जानवरों को अन्ना छोड़ता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
सभी पशुपालकों के सर्वे कराकर मोबाइल नंबर भी ले, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की देरी न हो सके। सड़कों से पशु हटाने व पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने के लिए उन्होंने कोंच क्षेत्राधिकारी की पीठ थपथपाई। प्रभारी मंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा दी जा रही राहत सामग्री की समीक्षा की। इस पर अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में चिह्नित 75 गांवों में राहत सामग्री बांटी जा रही है। इसके साथ 38 गांवों का सर्वे पूर्ण कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।
जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण करने में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द फसल बीमा का सर्वे कराकर पात्र किसानों की सूची जारी की जाए, जिससे उन्हे नुकसान का मुआवजा मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में नियमित स्वास्थ्य टीमों, पशु चिकित्साधिकारियों की टीमों को भेजा जाए। कुपोषण अभियान पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर सांसद भानुप्रताप वर्मा, विधायक माधौगढ़ मूलचंद्र निरंजन, एसपी डा.सतीश कुमार, सीडीओ प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रमिल कुुमार सिंह, एएसपी डा. अवधेश सिंह आदि मौजूद रहे।