उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र के रेवा गांव में स्नैक्स (सतरंगी) खाते में समय उसमें निकले गुब्बारे को मासूम ने निगल लिया। गुब्बारा सांस की नली में फंस गया। सांस न ले पाने पर मासूम बेहोश हो गई। परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां उसकी मौत हो गई।
रेवा गांव निवासी राहुल वेल्डिंग का काम करते हैं। बृहस्पतिवार को वह पत्नी रन्नो, बेटी कशिश (5) व नव्या (3) के साथ शादी में शामिल होने सोमई गांव गए थे। शुक्रवार को लौटते समय कशिश ने स्नैक्स खाने की जिद की। उन्होंने स्नैक्स (सतरंगी) के दो पैकेट दिलवा दिए। घर में कुरकुरे खाने के दौरान कशिश ने उसमें निकले गुब्बारे को भी निगल लिया।
उसने रोते हुए मां रन्नो को बताया कि स्नैक्स (सतरंगी) खाते समय गले में कुछ फंस गया है। सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। मां और परिजनों ने अंगुली के जरिये उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। कुछ देर बाद मासूम बेहोश हो गई। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए। डॉक्टर ने इंडोस्कॉपी कर देखा तो पता चला कि गुब्बारा फंसा है। उन्होंने किसी तरह गुब्बारा तो निकाल दिया, लेकिन तब तक मासूम ने दम तोड़ दिया।
मासूम के चाचा आकाश ने बताया कि चिप्स व अन्य पैकेटों में कंपनी के कर्मचारी बच्चों को लालच देने के चक्कर में ऐसी चीजों को डाल देते हैं, जिसे बच्चे निगल जाते हैं। इसी अनदेखी में उनकी मासूम की जान तो चली गई। किसी बच्चे के साथ ऐसा हो, इस पर अभिभावकों को सतर्क रहना चाहिए।