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कैमरों की ऑनलाइन रिकार्डिंग बाधित होने पर होगी कार्रवाई

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कलक्ट्रेट में बैठक लेते डीएम मन्नान अख्तर - फोटो : ORAI
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उरई। 28 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर डीएम डॉ. मन्नान अंसारी और एसपी डॉ. सतीश कुमार ने शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम डा. मन्नान अख्तर एवं एसपी डा. सतीश कुमार ने बैठक की। इसमें डीएम ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों को परीक्षा के दौरान हर हालत में चालू रखा जाए। यदि कहीं भी कैमरों की ऑन लाइन रिकार्डिंग बाधित होती है, तो इसे परीक्षा में गड़बड़ी मानते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक के अतिरिक्त किसी व्यक्ति के पास मोबाइल नहीं रहेगा। केंद्र के बाहर गेट पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाए। परीक्षार्थी की चेकिंग इस कैमरे की निगरानी में कराई जाए। उनके जूते और चप्पलों की जांच भी गेट पर ही की जाए। पूरी परीक्षा व्यवस्था की जिला एवं प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन निगरानी होगी। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। एसपी ने कहा कि परीक्षा केंद्र के सौ मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी गई है। केंद्र में पर्याप्त मात्रा में फोर्स की व्यवस्था की गई है। परीक्षा कार्य से इतर किसी भी व्यक्ति की केंद्र के आसपास मजमा लगाने पर मनाही रहेगी। सभी के पास डीआईओएस की तरफ से जारी आई कॉर्ड होना अनिवार्य है। पुलिस फोर्स परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले पहुंच जाएगा।
छह संवेदनशील केंद्रों पर तैनात होंगे स्टेटिक मजिस्ट्रेट
डीआईओएस भगवत पटेल ने बताया कि इस बार हाईस्कूल के 22264 और इंटरमीडिएट के 20117 समेत कुल 42381 परीक्षार्थी 57 केंद्रों में परीक्षा देंगे। इसके लिए सभी विद्यालयों को दो जोन व सात सेक्टरों में बांटा गया है। हर केंद्र पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की तैनाती की गई है। चिन्ह्ति छह संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। वहीं, 1865 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
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नकारात्मक रिपोर्ट वाले शिक्षकों की सूची मांगी
उरई। कायाकल्प योजना एवं जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम डॉ. मन्नान अख्तर ने कहा कि पिछले दिनों जिला स्तरीय अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों मेें कमियां मिली थी। इन विद्यालयों की सूची तैयार की जाए, ताकि लापरवाह शिक्षकों पर खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने तय कार्यक्रम के अनुसार पठन पाठन व्यवस्था सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। इसमें लापरवाही मिलने पर शिक्षक के साथ खंड शिक्षा अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने डीआईओएस भगवत पटेल से ऐसे शिक्षकों की सूची भी मांगी, जिनके बारे में जिला स्तरीय अधिकारियों ने नकारात्मक रिपोर्ट दी है। उनके वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की जा सके।
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