उरई। जालौन-गरौठा-भोगनीपुर लोकसभा सीट के लिए सोमवार सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान को लेकर जहां लोगों ने भीषण गर्मी होने के बाद भी जमकर मतदान किया। इस दौरान तीनों विधानसभाओं में कमल और साइकिल की सीधी लड़ाई दिखाई दी वहीं हाथी की चाल धीमी दिखी।
लोगों का कहना है कि एक खास बिरादरी का वोट भी सपा में चला जाने से भाजपा की सीधी टक्कर सपा से हो गई। हर बूथ के समीकरण में यह सीधा मुकाबला देखने को मिला। शहर-कस्बों से लेकर गांव तक यह चर्चा आम दिखाई दी। हिंदू बहुल इलाकों में कमल खिला तो मुस्लिम बाहुल्य बूथों पर साइकिल चली।
जबकि बसपा प्रत्याशी ने भी दलित बस्तियों में हाथी की चाल को बनाए रखा। कई बूथों पर बसपा के वोट बैंक में भी सेंधमारी हुई।बसपा के हांथी की सुस्त चाल देखकर बसपा समर्थकों ने भी अपने वोट को परंपरागत वोटिंग के तरीके से खुद को अलग करके जिताऊ प्रत्याशी पर दांव लगाया।
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में सोमवार को जालौन गरौठा भोगनीपुर लोकसभा सीट के लिए वोट डाले गए। लोकसभा क्षेत्र की तीनों विधानसभा सीट उरई, माधौगढ़ व कालपी के 1971018 मतदाताओं के सामने भाजपा, सपा-कांग्रेस और बसपा समेत छह प्रत्याशी मैदान में रहे। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ।
अधिकांश जगह मुकाबला भाजपा के भानू प्रताप वर्मा व सपा गठबंधन प्रत्याशी नारायणदास अहिरवार के बीच देखने को मिला। शहरों की घनी आबादी से लेकर पॉश कॉलोनियों तक या फिर ग्रामीण इलाकों के मतदान केंद्र पर भाजपा और गठबंधन के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। वहीं, दलित बिरादरी के होने के नाते नारायण दास अहिरवार ने बसपा के वोट में भी सेंधमारी कर ली। जिससे वह मजबूती के साथ भाजपा से सीधी टक्कर देने के लिए मजबूती से खड़े हो गए। लेकिन कई जगहों पर बसपा के पक्ष में भी मतदान हुआ। लोगों का कहना है कि किसको कितने वोट मिले यह पूरी जानकारी तो चार जून को ही होगी।