उरई। लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बुजुर्गों ने भी हिस्सा लिया। किसी बुजुर्ग ने युवा कंधों का सहारा लिया तो कोई खुद अपने बल पर मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचा। इस दौरान राजनीति के लंबे तजुर्बे के आधार पर इन बुजुर्गों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लोकतंत्र में प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते देख बूथ पर मौजूद अन्य लोगों ने भी बुजुर्गों के इस हौसले को सराहा।
जनपद के कई बूथों पर बुजुर्गों की मतदान के प्रति जिम्मेदारी का हर कोई कायल रहा। इस दौरान कई बुजुर्ग युवा कंधों का सहारा लेकर मतदान केंद्र तक पहुंचे तो कई बुजुर्गों ने पैदल बूथ पर पहुंच कर मतदान के कर्तव्य को निभाया। मतदान से पहले जहां युवाओं के जोश की चर्चा हो रहीं थी वहीं मतदान के दिन बुजुर्ग मतदाताओं के हौसले को हर कोई सराहना करता हुआ दिखा।वहीं कई युवाओं ने भी अपने पारिवारिक बुजुर्गों को मतदान केंद्र तक पहुंचा कर वोट डलवाने में उनकी मदद की ।
कोंच क्षेत्र में अपने बीमार बाबा को बूथ तक पहुंचाने के लिए मानसी ने उनकी मदद की। वहीं बूथ पर बिना किसी के सहारे के पहुंचे 85 वर्षीय मेवालाल ने वोट डाला। बुजुर्ग महिला गेंदा रानी को व्हील चेयर से मतदान के लिए ले जाने में स्काउट गाइड वालंटियर ने मदद की।
मवेशियों को चराने का काम करने वाली बुजुर्ग महिला धानकुंवर ने सबसे पहले अपने बूथ पर जाकर मतदान किया उसके बाद वह अपने मवेशियों को लेकर जंगल की तरफ निकल गईं। जालौन जगम्मनपुर की श्रीकुंवर अवस्थी (92) ने भी उम्र की अडचनों को दरकिनार कर वोट दिया। मतदान के लिए पहुंचे रमानीपुर निवासी 110 साल के बुजुर्ग ने बूथ पर पहुंच कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पूर्व माध्यमिक धमना की बूथ संख्या 151 में 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला को साइकिल पर बैठा कर उनके परिजन बूथ लेकर पहुंचे।
बूथ के बाहर जमीन पर बैठे बुजुर्ग को देख खफा हुए डीएम
फोटो-41-कोंच में बुजुर्ग मतदाता को सहारा देकर उठाते डीएम राजेश कुमार पांडेय।
कोंच। एक बूथ पर निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बूथ पर बुजुर्ग महिला को जमीन पर बैठा देखा तो उनका पारा चढ गया। बूथ पर बैठने के इंतजाम के लिए जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए डीएम राजेश पांडेय ने बुजुर्ग महिला को अपने हाथ का सहारा देकर उठाया और बूथ के अंदर लेकर गए। इसके बाद बुजुर्ग महिला ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।