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आज आएंगे सीएम, तैयारियां पूरी

Mon, 08 Sep 2014 05:31 AM IST
Jalaun
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कालपी (जालौन)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को तिरही गांव आएंगे। सीएम नक्सली हमले मेें शहीद सीआरपीएफ जवान नेकपाल को श्रद्धांजलि और आर्थिक सहायता की चेक देने आ रहे हैं। पूर्वाह्न 10 बजकर 40 मिनट पर सीएम का हेलीकाप्टर लैंड करेगा। यहां से वे सीधे शहीद के घर जाकर श्रद्धांजलि देंगे।
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दो दिन पहले सीएम के आगमन की तैयारी की सूचना मिली तो अफसरों के हाथ पांव फूल गए। सारे कामकाज छोड़कर जिला प्रशासन के अफसर तिरही गांव की ओर भागे। आनन-फानन में आगमन की तैयारियों में जुट गए। गलियों की मरम्मत और साफ सफाई की व्यवस्था चुस्त दुरुस्त कराई। एसडीएम ने अपनी निगरानी में स्वागत द्वार से लेकर हेलीपैड तक बनवाया। डीएम ने भी गांव पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उस रास्ते को ठीक किया जा रहा, जिस रास्ते से सीएम शहीद के घर पहुंचेंगे। गांव में कहीं कोई कमी न रह जाए, इसको लेकर प्रशासन शनिवार को भी जुटा रहा। गांव में नई ईंटों से खड़ंजा बिछाया गया। रातोंरात नाली ठीक की गई। संपर्क मार्ग की भी सूरत बदल गई। कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का हेलीकाप्टर पूर्वाह्न 10 बजकर 40 मिनट पर लैंड करेगा। गांव में वे 40 मिनट तक रहेंगे और पूर्वाह्न 11 बजकर 20 मिनट पर यहां से रवाना हो जाएंगे।
.. तो रातोंरात बदल जाती है गांव की सूरत
उरई (जालौन)। जिस गांव में सीएम के पांव पड़ जाएं, उसका रातोंरात कायाकल्प हो जाता है। एक अदद हैंडपंप को तरसने वाले गांव में बिजली, पानी, साफ-सफाई और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं चकाचक हो जाती हैं। आला अफसर गांव में कैंप कर 24 घंटे काम करवाकर व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर लेते हैं। कुछ ऐसा ही तिरही गांव में भी दिख रहा है। जिले के ददरी गांव में भाजपा के राजनाथ सिंह, छौंक और समसी गांव में मायावती के आने से पहले यही नजारा दिखा था।
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गौरतलब हो कि 8 सितंबर को सीएम अखिलेश सिंह यादव शहीद के परिवार को श्रद्धांजलि देने तिरही गांव आ रहे हैं। सीएम के स्वागत को लेकर जिला प्रशासन गांव को सजाने संवारने में जुटा है। सीएम के आने की खबर से रातोंरात हो रहे विकास कार्य देख गांव वाले खुश हैं। वर्ष 2001 में ऐसा ही नजारा जिले के ददरी गांव में भी दिखा था। तब सीएम राजनाथ सिंह गांव पहुंचे थे और वहां रात्रि प्रवास किया था। उस समय गांव को दुल्हन की तरह सजाया गया था। वर्ष 2003 में तत्कालीन सीएम मायावती ने कालपी क्षेत्र के छौंक गांव का दौरा किया था। यह गांव अंबेडकर ग्राम योजना में चयनित था, तब गांव का 24 घंटे मेें कायाकल्प हो गया था। वर्ष 2010 में समसी गांव की किस्मत बदल गई थी। सीएम मायावती ने यहां भी दौरा किया था। अफसरों की कर्मठता देख अब तो लोग यही कहने लगे हैं कि काश उनके गांव में भी सीएम के पांव पड़ जाएं।
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