उरई (जालौन)। एक युवती की मंगलवार की रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका एक सप्ताह का दुधमुंहा बच्चा है। युवती का शव घर के बाहर कुएं में मिला। मायकेवालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाकर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। ससुरालवाले इसे आत्महत्या कह रहे हैं, पर खुदकुशी का कारण नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की बात कही है।
झांसी जिले के चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम नरी निवासी जितेंद्र यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसने अपनी बेटी शिखा (22) का विवाह जालौन नगर के मुहल्ला रावतान निवासी लोकेंद्र यादव के साथ 7 दिसंबर 2012 को किया था। ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। अभी एक सप्ताह पहले ही उसने झांसी के नर्सिंगहोम में बच्चे को जन्म दिया। मंगलवार को वह छुट्टी करवाकर अपने गांव ले जा रहा था तभी ससुरालीजन उसे जबरन जालौन ले आए और रात में उसकी हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया।
उधर ससुरालीजनों का कहना है कि उनका पुत्र लोकेंद्र अपनी बहन के यहां उदयपुर राजस्थान गया है। मंगलवार की रात शिखा ने अपने दुधमुंहे बच्चे को छोड़कर घर के बाहर बने कुएं में कूदकर जान दे दी। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर परिजन कमरे में गए। बहू को न पाकर खोजबीन की तो उसका शव कुएं में मिला। ससुर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ससुरालवाले आत्महत्या का कारण साफ नहीं कर सके। सूचना पाकर आए मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाकर कोतवाली पुलिस को तहरीर दे दी। इस बाबत कोतवाल नसीम खान का कहना है कि मायके वाले दहेज हत्या का आरोप लगा रहे हैं। वह जांच कर कार्रवाई करेंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होगी। अगर शरीर पर चोट के निशान हैं तो साक्ष्य पुख्ता हो जाएंगे।