उरई (जालौन)। अवैध बालू खनन का मामला सीएम हाउस तक पहुंचने के बाद कदौरा की थानेदारी से सिकंदर खान को हाथ धोना पड़ा। उन्हें कोंच उपनिरीक्षक पद पर स्थानांतरित किया गया है। सिकंदर खान के सिर पर सत्ताधारी दल के एक नेता का हाथ था।
कदौरा थानाध्यक्ष सिकंदर खान तैनाती के साथ ही विवादों के घेरे में रहे हैं। उन पर अवैध खनन करवाने का आरोप पहले से था अभी उन्हीं के थाना क्षेत्र में गौवंश की गोली मारकर हत्या करने के मामले में भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस पर सपा और दूसरे दल के एक नेता के साथ कदौरा क्षेत्र के ग्रामीण, सीएम अखिलेश यादव से मिले और उन्होंने थानाध्यक्ष की कारगुजारियों से अवगत कराया। सीएम हाउस से एसपी से हुई बात के बाद एसपी ने पूरे मामले की जांच एएसपी लल्लन सिंह से कराई। जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल पद से हटाकर कोंच कोतवाली से संबद्ध किया है। एसपी राकेश शंकर ने कहा कि गैर कानूनी कार्यों को संरक्षण देने वाले पुलिस कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बीते वर्ष बसपा सरकार में ग्राम पंचायत के चुनाव हुए तो सिकंदर खान सिरसा कलार के थानाध्यक्ष थे। तत्कालीन एसपी विजय प्रकाश ने उन्हें बिरहरा गांव में बवाल होने की जानकारी एक दिन पहले दे दी थी, लेकिन सिकंदर ने कोई कार्रवाई नहीं की और चुनाव के दौरान एक युवक की हत्या हो गई थी। इस मामले में वह निलंबित हुए और जांच में दोषी भी पाए गए। सरकार बदलते ही उन्हें अपने राजनीतिक आका के माध्यम से कदौरा थानाध्यक्ष का पद पर लिया था।
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परेड में न आने पर 48 का कटेगा वेतन
उरई (जालौन)। मंगलवार की सुबह पुलिस लाइन में परेड में शामिल न होने पर एसपी ने 48 पुलिस कर्मियों का आधे दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि मंगलवार और शुक्रवार को पुलिस कर्मियों की परेड होती है। इसी के तहत मंगलवार को भी सुबह पुलिस लाइन में परेड थी। इसमें पुलिस लाइन में तैनात दो प्रशिक्षु दारोगा, पुलिस कार्यालय में तैनात दो हेड कांस्टेबल, कोतवाली में तैनात 15 सिपाही परेड में शामिल नहीं हुए। एसपी ने इन सभी का आधा दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। एसपी राकेश शंकर ने बताया परेड मेें पुलिस कर्मी दिलचस्पी नहीं लेते हैं। पुलिस रूल्स से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वेतन काटना एक बानगी है, आगे इससे बड़ी कार्रवाई की जाएगी।