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बच्चों को शिक्षित करने बढ़े लोग

Thu, 09 May 2013 05:30 AM IST
Jalaun
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उरई (जालौन)। जनजाति कबूतरा बस्ती में बुधवार को रेडक्रॉस डे पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगने से यहां की बदहाली डीएम के सामने आई। डीएम से लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। समस्याएं सुन डीएम भी अवाक रह गए। बस्ती में विद्यालय की मांग पर उन्होंने बीएसए को विद्यालय खोलने का निर्देश दिया है। वहीं यहां के बच्चों को पढ़ाने का लोगोें ने बीड़ा उठाया है। जनजाति कबूतरा बस्ती की महिला कन्नो देवी ने डीएम को बताया कि वह बेटे राहुल और बेटी राखी को महर्षि विद्यामंदिर तथा आरएनटी स्कूल में पढ़ा रहे हैं। रेडक्रास सोसाइटी के सचिव अभय द्विवेदी ने राहुल को उच्च शिक्षा दिलाने का बीड़ा उठाया। डीएम ने बस्ती में स्कूल खुलवाने का निर्देश दिया।
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डा. रेनूचंद्रा ने भी एक बच्चे को गोद लेकर उसकी पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी ली है। न्यू लाइफ पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अशोक होतवानी इस बस्ती के बच्चों को निशुल्क पढ़ाने को तैयार हैं। अंध विद्यालय के प्रबंधक गंगादीन चक्रवर्ती ने घनश्याम के सभी चार बच्चों को अपने विद्यालय में शिक्षा दिलाने को कहा।
बीएसए वरुण कुमार ने कहा कि वे इस बस्ती के बच्चों का एडमीशन प्राइमरी व जूनियर विद्यालय में कराएंगे। जहां उन्हें मुफ्त शिक्षा के साथ किताबें व बस्ता, कपड़े ड्रेस फ्री मिलेंगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा नेहरू बाल मंदिर के प्रबंधक सत्यपाल शर्मा ने कहा कि वे इस बस्ती के बच्चों का एडमीशन सरकारी विद्यालय में करवा देंगे। मिजपा क्रिशियन विद्यालय के प्रबंधक डेनियल ने कहा कि वे दो छोटे बच्चों को अपने इंग्लिश मीडियम में स्कूल में फ्री शिक्षा देंगे। इस दौरान इस बस्ती के मुखिया रामप्रकाश ने डीएम से मांग की वे इस उपेक्षित जनजाति की बस्ती में एक प्राइमरी स्कूल खुलवा दें तो यहां कोई बच्चा अगूंठा छाप नहीं रहेगा। डीएम ने बीएसए वरुण कुमार को इस बस्ती में स्कूल खोलने के निर्देश दिए।
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डीएम ने बताया कि जनजाति कबूतरा की बस्ती के मुखिया रामप्रकाश तथा श्रीमती कन्नोदेवी ने बस्ती वालों के साथ यह संकल्प लिया है कि वे अवैध ढंग से दारू बनाने की जगह मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करेंगे। वे चाहते हैं कि उनकी बस्ती में एक हैंडपंप व बिजली की व्यवस्था हो जाए, राशनकार्ड तथा मतदाता पहचानपत्र बन जाएं साथ ही विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन तथा बेटियों की शादी को अनुदान मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने यहां संबंधित विभागों के अधीनस्थ अधिकारियों को बुला लिया है। वे आज ही विभिन्न लाभकारी योजनाओं के फार्म भरेंगे। डीएम ने कहा कि जनजाति कबूतरा की बेटियों की शादी के लिए 20 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इस अवसर पर सीएमओ डा.ध्रुव चंद्र गुप्ता ने कहा कि जनजाति कबूतरा में जो लोग विकलांग हैं उन्हेें विकलांग सर्टिफिकेट भरवाए जाएंगे। इस अवसर पर अपर सीएमओ डा. आरके अंबष्ट, बीएसए वरुण कुमार ने पूर्व सचिव केके गहोई, लक्ष्मणदास बाबानू, डा.रेनूचंद्रा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सत्यपाल शर्मा, मिजपा के प्रबंधक डेनियल, अंध विद्यालय के प्रबंधक गंगादीन दीन चक्रवर्ती, अशोक होतवानी ने कहा कि वे इस बस्ती के विकास का पूरा प्रयास करेंगे। रेडक्रास डे की संगोष्ठी का संचालन युद्धवीर कंथरिया ने किया। इसके बाद रेडक्रास डे पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में आई सर्जन डा. अशोक चंद्र, डा. दीपेश, डा. सुंदर सिंह, डा. नरेश वर्मा, स्टाफ नर्स फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ ने मिलकर इस जनजाति बस्ती के सौ पुरुष महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण किया।
इनसेट
पिता व चार जमांध बच्चों का होगा इलाज
उरई (जालौन)। जनजाति कबूतरा बस्ती में मुखिया और उसके सभी बच्चे जन्मांध देखकर डीएम ने सभी के इलाज का भरोसा दिलाया। घनश्याम जन्मांध हैं। उसके तीन बेटो जुगुनू (16), शिव पुत्र (10), मोहित (4) तथा पुत्र बालगंगा (12) भी जन्म से नहीं देख सकते हैं। जबकि उसकी पत्नी दीपा नेत्रहीन नहीं है। जिलाधिकारी ने सभी का नेत्र सर्जन अशोक चंद्रा से परीक्षण कराया। अपर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरके अंबष्ट ने बताया कि पिता समेत सभी जन्मांध बच्चों को इलाज जिला नेत्र चिकित्सालय में कराया जाएगा।
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