उरई (जालौन)। गरीब की बेटी की शादी के लिए हिंदू-मुसलिम की दीवारे भी गिर गईं। गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए दोनों कौमों ने मिलकर शादी का बीड़ा उठाया।
रामनगर निवासी विश्वनाथ जाटव और उनकी पत्नी कुसुम मजदूरी करते हैं। उनके दो बच्चे बबलू और बेटी पूजा हैं। अप्रैल में विश्वनाथ ने बेटी पूजा की शादी 11 मई 2013 को बंगरा निवासी हरीशंकर के पुत्र हिम्मत से तय तो कर दी लेकिन शादी करने के लिए उनके पास कुछ भी नहीं था। यह जानकारी मिलते ही क्षेत्र के लोग एक जुट हो गए और मिलजुल कर पूजा की शादी कराने के लिए आगे आ गए। यूसुफ अंसारी ने पूजा को अलमारी, बक्शा दिया तो कैलाश बर्तन वालों ने इस्तेमाल के बर्तन दिए। इसी तरह गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष परमेश्वरी दयाल दुबे ने गेहूं तो उरई गैस एजेंसी की मालकिन श्रीमती माधुरी तिवारी ने उनके दामाद ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित तथा उनकी पत्नी नम्रता तिवारी दीक्षित ने गैस सिलेंडर दिए इसी तरह अन्य हिंदू मुसलिम समाजसेवियों ने भी सामान दिया। समाज के सहयोग से आनन फानन में पूजा की शादी का सारा बंदोबस्त हो गया। यह देख मजदूर पति विश्वनाथ तथा उसकी पत्नी कुसुम की आंखों में खुशी के आंसू छलकने लगते हैं।