उरई (जालौन)। कृभको खाद व बीज शोधन यंत्रों का पूरे देश में विस्तार करेगी ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज व खाद उपलब्ध हो सके। यह बात कृभको के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने मणींद्रालय सभागार में कृभको बीज उत्पादक विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कही।
कहा कि खाद के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाद के और संयंत्र लगाए जाएंगे। आंध्र प्रदेश सरकार ने तो खाद संयंत्र स्थापित करने के लिए डेढ़ सौ एकड़ जमीन भी उपलब्ध करा दी है जबकि पूरे देश में 15 बीज शोधन सयंत्र लगवाए जाएंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता का ढांचा किसानों की बदौलत खड़ा है। जिसमें 80 फीसदी पूंजी निवेश किसानों का है जबकि महज 20 फीसदी सरकार का पूंजी निवेश है। कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से खाद से अनुदान खत्म किया गया। देश मेें खाद की कमी की वजह हमें विदेशों से आयात करनी पड़ रही है। जब हमारे देश में डीएपी, यूरिया खाद संयंत्र लग जाएंगे तो हम खाद किसानों को आसानी से उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात-महाराष्ट्र में सहकारिता आंदोलन सफल है। वहां की सहकारी समितियां आर्थिक रूप से इतनी समृद्ध हैं कि वह किसानों को मात्र 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का काम कर रही है।
कृभको के उप महाप्रबंधक विपणन लखनऊ डा. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी संस्था किसानों के साथ धोखा नहीं कर सकती। नोएडा के कृभको उप महाप्रबंधक टीएस राव ने किसानों से सहकारिता में पूंजी निवेश पर जोर दिया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश मिश्रा, डॉ. महक सिंह ने किसानों से तकनीकी खेती व फसल सुरक्षा के उपायों को अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर कृभको के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रहलाद सिंह ने अतिथियों को सम्मानित किया। इस मौके पर सीडीओ एएन सिंह, उप कृषि निदेशक सैयद बदरे आलम, जेडीसी बैंक के उपाध्यक्ष महेश प्रताप सिंह, डीसीडीएफ के चेयरमैन रविंद्र सिंह, बीज प्रमाणीकरण के हरिकेश मीणा, उप निदेशक परमहंस सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।
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किसानों ने की शिकायत
उरई। किसानों ने कृभको के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह से शिकायत की है कि बीज विकास निगम द्वारा कृषि विभाग एवं किसानों को जो बीज उपलब्ध कराया जाता है यह घटिया क्वालिटी का होता है। यह विभाग ऐसे किसानों को प्रोग्राम देता है जो किसान मंडी से खरीदी गई मटर, चना, मसूर, गेहूं अनुदान के चक्कर में जमा कर लेते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वह किसानों को घटिया बीज देने वाली संस्था के विरुद्ध कार्रवाई शासन से कराएंगे।