जालौन। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसमें तहसील क्षेत्र के 18 गांवों में 426 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। अभी तक 4 किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। जबकि 40 किसानों की भूमि अधिग्रहण की फाइल तैयार है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। एक्सप्रेस वे तहसील क्षेत्र के 18 गांवों से होकर निकलेगा। एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए प्राथमिक आवश्यकता भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए तहसील क्षेत्र के 18 गांवों के 426 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इस संबंध में एडीएम लेखपालों के साथ बैठक कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बारे में अवगत करा चुके है। भूमि अधिग्रहण में किसानों को सर्किल रेट से 4 गुना अधिक मुआवजा दिया जाना है।
एसडीएम भैरपाल सिंह ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। एक्सप्रेस वे के निर्माण में जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। उनको इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। साथ ही किसानों से संपर्क पर उन्हें सारी जानकारी देकर भूमि अधिग्रहण के लिए तैयार किया जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण के लिए तहसील क्षेत्र के लहरउवा में 18, निजामपुर में 31, लहर जालौन में 32, पड़वारी में 31, सहाव में 55, दौलतपुर में 31, भदवां में 23, इंगुर्री में 18, फूलपुर खरउआ में 2, सलेमपुर में 16, रूद्रपुरा में 14, तांबा में 7, देवरी में 12, अम्मरगढ़ में 14, सोनरा में 22, औरेखी में 53, रनवां में 16 व नबीपुर में 31 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
जिसमें सलेमपुर के 2, तांबा व सहाव के एक-एक किसान की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जबकि 40 किसानों की भूमि अधिग्रहण की फाइल बनकर तैयार है। जिनकी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा शेष किसानों की भी भूमि शीघ्र ही अधिग्रहण कर ली जाएगी।
मुआवजे को लेकर संतुष्ट नहीं है किसान
जालौन। भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार द्वारा निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे पर तहसील क्षेत्र के ग्राम औरेखी के किसान संतुष्ट नहीं हैं। औरेखी के लगभग आधा सैकड़ा किसानों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम भैरपाल सिंह को सौंपकर सर्किल रेट से 10 गुना अधिक मुआवजा दिए जाने एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की थी। जिसमें अभी तक औरेखी के किसी किसान की भूमि अधिग्रहण नहीं की गई है। अब जबकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब देखना होगा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर औरेखी के किसानों की क्या प्रतिक्रिया होगी।