कालपी क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिजली विभाग ने बिजली लाइन बिछाने, पोल लगाने व अन्य कामों के लिए 20 लाख का ठेका अंतिका प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। कार्य के दौरान गुणवत्ता को लेकर कई सवाल भी उठे, पर तत्कालीन सरकार में राजनीतिक पहुंच के चलते मामला रफा दफा कर दिया गया। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद गड़बड़ियाें और बिना काम पूरा किए भुगतान की शिकायत की गई।
योगी सरकार ने मंडल स्तरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। जांच टीम ने दो माह पहले गुपचुप ढंग से जिले में आई और स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही कई साक्ष्य भी इकट्ठा किए। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने पिछले सप्ताह ही रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। दोषी पाए जाने पर द्वितीय खंड में तैनात अधिशासी अभियंता तरनवीर सिंह, तत्कालीन कालपी एसडीओ अजय कुमार, जेई अशोक कुमार को एमडी एसके वर्मा ने निलंबित कर दिया।
बृहस्पतिवार को निलंबन का आदेश आने के बाद कार्रवाई का खुलासा हुआ। कालपी एसडीओ अजय कुमार का अभी छह माह पूर्व इटावा तबादला हुआ है। अधीक्षण अभियंता आरके गुप्ता ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि एमडी ने तीनों अफसरों को निलंबित किया है। कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।