उरई। अमर उजाला के महाअभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अंतर्गत बजीदा स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में नारी सम्मान सुरक्षा के लिए गोष्ठी हुई। इसी कड़ी में स्कूल की छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने नारी गरिमा को बनाए रखने की शपथ भी ली। स्कूली छात्राओं ने हाथों में अपराजिता के बैनर लेकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देते हुए रैली निकाली।
गोष्ठी में स्कूल की प्रधानाध्यापिका एवं मानवाधिकार संगठन की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. स्वयं प्रभा दुबे ने कहा कि आज लगभग हर क्षेत्र में महिलाओं को सम्मान मिल रहा है, महिलाएं भी घरों की चौखट से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। अभी भी कहीं कुछ कमी जरूर है, जिसे पूरा करने के लिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति न सिर्फ जागरूक होना पड़ेगा, बल्कि उन्हें पाने के लिए आवाज भी उठानी होगी।
अब महिलाओं को अपने साथ हो रहे उत्पीड़न का जवाब देने की जरूरत है, खामोशी को तोड़ अपने हक के लिए महिलाओं को भी आगे आना होगा। संस्था से जुड़ीं सुधा द्विवेदी ने कहा कि अभिभावकों को भी बेटियों के प्रति सोच में बदलाव लाना होगा, खासतौर पर माताएं अपनी बेटियों के साथ भेदभाव खत्म करें, बेटा-बेटी एक समान की विचारधारा रखे, तभी आगे चलकर बेटियां आत्मनिर्भर हो सकेंगी और परिवार का नाम रोशन करेंगी।
रंजना वर्मा और शुभांशी ने कहा कि बेटियां एक नहीं बल्कि दो घरों को संभालती है, इसलिए उन्हें स्वयं को कमजोर तो समझना ही नहीं चाहिए। अपने भीतर आत्मविश्वास, साहस और सहनशीलता का संचार कर अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करे। तभी पूरी तरह से महिला स्वतंत्र होकर आत्म निर्भरता का जीवन जी सकेगी।
इसके बाद सभी ने अपराजिता के अंतर्गत नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली। सभी ने अपराजिता के प्रयासों को सराहा। प्रधानाध्यापिका का कहना है कि अपराजिता ने बेटियों और महिलाओं को अपनी बात रखने का मंच दिया है। छात्राओं ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे लगाए। इस दौरान विनोद निरंजन, करुणा, तारा, रानी, संस्कृति, साक्षी आदि उपस्थित रहीं।