उरई। जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लगातार बढ़ रहे विरोध और उपभोक्ताओं की नाराजगी के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद अब जिले के करीब 52 हजार स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को राहत मिलने जा रही है। स्मार्ट मीटर अब पहले की तरह पोस्टपेड व्यवस्था में काम करेंगे और उपभोक्ताओं को हर महीने सामान्य बिजली बिल भेजा जाएगा।
जिले में कुल करीब 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 52 हजार मीटर प्रीपेड श्रेणी में संचालित हो रहे थे, जबकि शेष उपभोक्ताओं के मीटर भी प्रीपेड किए जाने थे। हालांकि विरोध और तकनीकी दिक्कतों के चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। अब नए निर्देशों के बाद सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड श्रेणी में आ जाएंगे। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर जिले में पिछले कई महीनों से विरोध चल रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप था कि बिना जानकारी के तेजी से बैलेंस कट रहा है और रिचार्ज खत्म होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका ज्यादा विरोध देखने को मिला।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर से औपचारिक आदेश मिलने के बाद व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शहर के एसडीओ ऋषभ राजपूत ने बताया कि अभी लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलते ही उसका अनुपालन कराया जाएगा।
कुठौंद में उखाड़ दिए थे मीटर
कुठौंद क्षेत्र में तो स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि नाराज लोगों ने कई स्थानों पर स्मार्ट मीटर उखाड़कर रख दिए थे। बाद में विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई की चेतावनी देकर मीटर दोबारा लगवाए थे। इसके बावजूद लोगों में नाराजगी बनी रही।
उपभोक्ताओं का कहना था कि पहले महीने में एक बार बिल आता था और भुगतान की सुविधा रहती थी, लेकिन प्रीपेड व्यवस्था में बार-बार रीचार्ज कराना पड़ रहा था। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। इसके अलावा उपभोक्ता लगातार बिल ज्यादा आने का आरोप लगा रहे हैं।