जालौन। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बिरिया खुर्द में सोमवार शाम पति-पत्नी ने छह माह की मासूम बेटी के सामने फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों ने प्रेम विवाह किया था। लोगों का कहना है कि पत्नी पति से दूसरे शहर जाकर काम करने की बात कहती थी, जिस पर अक्सर विवाद होता था। मंगलवार को एक ही घर से दो अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई और गांव में सन्नाटा पसर गया।
ग्राम निवासी मजदूर विवेक कुमार (23) ने करीब तीन वर्ष पहले गोहन निवासी साधना से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों ने नई जिंदगी की शुरुआत की थी। मजदूरी कर गुजर-बसर करने वाला यह दंपती अपनी छह माह की मासूम बेटी काव्या के साथ सादा लेकिन खुशहाल जीवन जीने की कोशिश कर रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार दोनों के बीच सामान्य दांपत्य जीवन था, लेकिन पति के बाहर जाकर काम करने को लेकर अक्सर विवाद होता था। बताया जाता है कि साधना विवेक से बड़े शहर जाकर काम करने के लिए कहती थी, जबकि विवेक गांव में ही रहना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव बना रहता था।
सोमवार की शाम विवेक के पिता रामप्रसाद और भाई सूरज व चंद्रपाल मजदूरी पर गए थे, जबकि मां गांव में एक निमंत्रण में गई थीं। इसी दौरान किसी कारणवश विवाद ने गंभीर रूप ले लिया और दंपती ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
रात करीब आठ बजे टिनशेड के कमरे में विवेक ने पत्नी के स्टॉल और साधना ने अपनी साड़ी से बांस-बल्ली के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसी बीच छह माह की मासूम काव्या घर के अंदर अपने माता-पिता के शवों के पास भूखी-प्यासी बिलखती रही।
मासूम बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे में पति-पत्नी के शव लटके थे और नीचे उनकी बच्ची रो रही थी। ग्रामीणों ने तत्काल प्रधान संजय तोमर और परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसपी डॉ. ईसान सोनी, क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई और कोतवाल हरिशंकर चंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, लेकिन आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका।
फोटो- 10 विवेक की फाइल फोटो बेटी काव्या के साथ।