उरई। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जनपद में स्वयं सहायता समूहों के गठन का अभियान जारी है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 319 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। सभी समूहों के खातों में शीघ्र ही 30-30 हजार रुपये की रिवॉल्विंग फंड राशि भेजी जाएगी। इस वित्तीय वर्ष में 360 समूहों के गठन का लक्ष्य है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित समूहों से जुड़ीं महिलाएं सिलाई, बुनाई, अगरबत्ती, पेपर निर्माण, ब्यूटी पार्लर, डेयरी सहित विभिन्न लघु उद्योगों से जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगी। इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि उन्हें स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष जनपद में 360 नए स्वयं सहायता समूह गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसमें से 319 समूहों का गठन पूरा कर लिया गया है। शेष समूहों का गठन भी शीघ्र ही कर लिया जाएगा। सभी समूहों को रिवॉल्विंग फंड की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला मिशन प्रबंधक ने बताया कि जनपद में वर्तमान में करीब 9000 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि, पशुपालन और अन्य लघु उद्योगों से जुड़कर अपनी आय में निरंतर वृद्धि कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी तक सभी लक्षित समूहों का गठन पूर्ण कर लिया जाएगा।