फोटो- 23 आरपीएफ की गिरफ्त में पकड़े गए आरोपी। स्रोत-आरपीएफ
उरई। पनवेल एक्सप्रेस के जनरल कोच में चढ़ने को लेकर कुछ यात्रियों में विवाद हो गया। इससे नाराज कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची आरपीएफ ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि तीन आरोपी भाग गए। घटना शुक्रवार शाम 6.48 बजे पुखरायां रेलवे स्टेशन पर घटी। इसके चलते ट्रेन सात मिनट खड़ी रही।
गोरखपुर से पनवेल जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस (15065) के जनरल कोच में भीड़ ज्यादा होने के कारण दरवाजे बंद थे। पुखरायां स्टेशन पर कुछ यात्री आपातकालीन खिड़की के रास्ते कोच में बैठने का प्रयास कर रहे थे। इसी दाैरान कोच के अंदर बैठे यात्रियों से विवाद हो गया। वाद-विवाद के दौरान गोरखपुर निवासी इसरार अब्दुल्लाह शेख का मोबाइल गिर गया। इस पर यात्री ने विरोध किया तो ट्रेन में बैठने से रोकने पर कुछ यात्री नाराज हो गए और पत्थरबाजी शुरू कर दी।
सूचना पर आरपीएफ के एएसआई रामकिशोर के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और जिला फतेहपुर के चांदपुर थानाक्षेत्र के गोहरारी निवासी प्रमोद कुशवाहा, सोम, इरफान व घाटमपुर थानाक्षेत्र के ढोलकपुर निवासी जितेंद्र कुशवाहा को पकड़ लिया। आरोपियों ने बताया कि जिस यात्री का मोबाइल गिरा था वह देवीचरन के पास है जो घटना के बाद भाग गया था। आरपीएफ ने आरोपियों के विरुद्ध शनिवार को रेलवे एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले में गोहरारी निवासी प्रेमचंद, राजेश, बांदा जनपद के बरेठी निवासी देवीचरन को वांछित घोषित किया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि शुक्रवार की शाम पनवेल एक्सप्रेस में पत्थरबाजी घटना का संज्ञान लेते हुए आरपीएफ ने कार्रवाई की। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर झांसी रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया है जहां से उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।