लगभग दो साल तक पढ़ाया था ट्यूशन
मंगलवार की रात करीब साढ़े नौ बजे कोतवाल अजीत सिंह को सूचना मिली कि आरोपी सातमील के पास कहीं भागने की फिराक में खड़ा है। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली के एक होटल में काम करता है। इससे पूर्व जब वह गांव में रहता था, तब उसने ऋषि तिवारी के बच्चों को लगभग दो साल तक ट्यूशन पढ़ाया था।
दोनों ने पी थी शराब
उसी समय वह ऋषि की पत्नी पुष्पा से संपर्क में आ गया था। पुष्पा दो महीनों से फोन कर उसके साथ चलने की जिद कर रही थी। पुष्पा के शादीशुदा होने के कारण वह इन्कार कर रहा था। इसके बाद भी वह दिल्ली आ गई तो उसने छुटकारा पाने की साजिश रच ली। वह उसके साथ घूमने के बहाने उत्तराखंड गया। जहां देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी होते हुए पांच जून को नैनीताल पहुंचा। अगले दिन छह जून की शाम को वह भीमताल पहुंच गए। एक होटल में कमरा किराये पर लिया। उसी रात दोनों ने मिलकर शराब पी।
पुष्पा को झील में दे दिया धक्का
नशे की हालत में पुष्पा पति को फोन कर बच्चों से बात कराने की जिद करने लगी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। रात लगभग एक बजे वह पुष्पा को झील की सीढ़ियों तक टहलाने के लिए ले गया। वहां पर विवाद और बढ़ गया। उसने नशे की हालत में पुष्पा को झील में धक्का दे दिया। पुष्पा छटपटाई, तो उसकी टी शर्ट उसके हाथ में आ गई। पुष्पा की मौत हो गई है, तो वह वहां से निकल आया। कोतवाल अजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने अभिषेक श्रीवास्तव को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।