उरई। होली के त्योहार पर घर जाने को लेकर मारामारी रही। चाहे बस स्टेशन हो या रेलवे स्टेशन। जैसे ही कोई बस या ट्रेन आती, लोग बैठने के लिए टूट पड़ते। सबसे ज्यादा मारामारी ट्रेन की जनरल बोगियों में रही। वहीं बसों से दिल्ली, अजमेर, जयपुर, बनारस, प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ रही। हालांकि रेलवे व रोडवेज के अधिकारी दावा कर रहे है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए गए हैं। ट्रेनों व बसों को रोककर चलाया जा रहा है। चालकों को विशेष हिदायत दी गई है।
सीट पाने की जुगत में मची आपाधापी
समय: दोपहर 3 बजे-कोंच रोड स्थित रोडवेज बस अड्डा
यहां तीन बजे जैसे ही दिल्ली जाने वाली बस आती हैं, उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों में मारामारी मच जाती है। कुछ यात्री खिड़कियों से सामान फेंकने लगते हैं और कुछ जल्दी सीट पाने की जुगत में एक दूसरे से भिड़े जाते हैं। इसी दौरान रोडवेज के एआरएम अपराजित श्रीवास्तव भी मौके पर थे। वे बसों में चढ़ने वाले यात्रियों को सावधानी से बसों में चढ़ने की एनाउंस करवा रहे थे। साथ ही बसों के चालक व परिचालकों को भी दिशा निर्देश दे रहे थे। साथ ही झांसी कानपुर जाने वाले यात्रियों को भी बसों में सावधानी से चढ़ने को कहा जा रहा था।
एनाउंस की अनदेखी कर बस में चढ़ने की होड़
समय: दोपहर 3.10 बजे-उरई रोडवेज बस स्टैंड।
दिल्ली वाली बस निकल ही पाती है कि झांसी से प्रयागराज व बनारस जाने वाली बस आ जाती है। इसमें भी चढ़ने की आपाधापी रहती है। पहले से बैठी सवारियां उतर नहीं पाती हैं कि बस में चढ़ने के लिए यात्रियों में होड़ लग जाती है। आपस में धक्कामुक्की भी होती है। लगातार हो रहे एनाउंस की भी लोग अनदेखी करते रहते हैं। हालांकि एआरएम का कहना है कि यहां से जाने वाली बसों से तो यात्री जा रहे हैं लेकिन उन्होंने 18 बसें दिल्ली भेजी थीं, वह अभी वापस नहीं आई हैं। वहां पर्याप्त मात्रा में यात्री नहीं मिल रहे हैं।
ट्रेनों की लेटलतीफी से हुई परेशानी
समय : दोपहर 3.40 बजे-रेलवे स्टेशन, उरई
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ लगी थी। लोग पूछताछ काउंटर पर ट्रेनों की जानकारी ले रहे थे। राप्ती सागर डेढ़ घंटे, ग्वालियर मेल पौने दो घंटे, जनसाधारण एक घंटे, पनवेल गोरखपुर दो घंटे, साबरमती दो घंटे व कुशीनगर तीस मिनट देरी से चल रही थी। यात्री बार-बार पूछताछ काउंटर पर जाकर यात्रियों के लोकेशन देख रहे थे। सबसे ज्यादा पूछताछ गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों के बारे में हो रही थी। झांसी कानपुर जाने वाली यात्री भी अपनी ट्रेनों की जानकारी ले रहे थे।
महिला व दिव्यांग कोच में भी चढ़े यात्री
समय-दोपहर 4.15 बजे-रेलवे स्टेशन, उरई
जैसे ही प्लेटफार्म नंबर एक पर ग्वालियर से चलकर बरौनी जाने वाली ट्रेन आई। यात्रियों का हुजूम ट्रेन की तरफ दौड़ पड़ा। सबसे ज्यादा मारामारी जनरल कोच में थी। हालत यह रही कि जैसे ही ट्रेन खड़ी हुई यात्रियों ने न तो यह देखा कि यह दिव्यांग कोच या महिला कोच। जिसे जहां जगह मिली, वह बैठ गया। जिसे जगह नहीं मिली, वह इधर-उधर दौड़ता रहा। मौके पर आरपीएफ जवान भी खड़े थे। उनका कहना था कि कंट्रोल से मैसेज आया है कि ट्रेनों को रोककर चलाया जाए ताकि सभी यात्री चढ़ सके।