उरई। सत्रहवीं लोकसभा में पहली बार मतदान करने वाले युवा वोटर जो इसी साल 18 से 19 साल के हुए हैं, काफी उत्साहित है। इन युवाओं को पहली बार देश का सियासी घमासान देखना और समझना भी है। लिहाजा बूथ पर जाकर ईवीएम का बटन दबाने और मनपसंद नेता का चुनाव करने का उत्साह अभी से देखने को मिल रहा है। ऐसे कुल 18,804 मतदाता जनपद में है, जो कि पहली बार वोट कर अपने मनचाहे नेता का चुनाव करेंगे। इन युवाओं का कहना है कि सांसद ऐसा हो जो कि न सिर्फ क्षेत्र को विकास की बुलंदी तक पहुंचाए बल्कि युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार को भी प्राथमिकता पर रखे। प्रस्तुत है, पहली बार वोट करने वाले युवाओं से बातचीत पर आधारित खबर।
कदौरा क्षेत्र की निवासी शिवानी और पल्लवी का कहना है कि अब तक घरवालों को ही वोट डालते हुए देखा था, बड़ा मन होता था कि हम भी जाकर वोट डाले, अब जब मौका मिला है तो वोट तो जरूर करेंगे और ऐसे नेता को वोट करेंगे जो छात्र-छात्राओं के लिए नए स्कूल कालेज खुलवाने का वादा करेगा।
आटा के ऋषभ तिवारी और महेबा के योगेंद्र का कहना है कि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देने वाला नेता उनकी पसंद बनेगा, जब घर मेें खुशहाली होगी यानि किसान संपन्न होगा तो उसका पूरा परिवार भी खुशहाल होगा।
ऊमरी के आशीष दोहरे और सिरसाकलार के अरुण कुमार कहते हैं कि काफी इंतजार के बाद तो वोट डालने का मौका मिला है। जनपद अब तक सिर्फ खेती किसानी के लिए जाना जाता है, सांसद ऐसा होना चाहिए जो कि जनपद में रोजगार के भी अवसर पैदा करे, जिससे जिले को नई पहचान मिले और यहां के युवाओं का पलायन रुक सके।
मुहम्मदाबाद के आबिद और अंकुर शिवहरे बोले कि पहली बार वोट डालने का गर्व तो महसूस हो ही रहा है, इसलिए ऐसे सांसद का चुनाव करना है जो पानी, बिजली और सड़क के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी कार्य करने में सक्षम हो।