उरई (जालौन)। मानसून से पहले पालिका ने नाला सफाई अभियान को लेकर बड़े बड़े दावे किए थे, लेकिन पहली ही झमाझम बारिश ने पालिका के इस दावे की पोल खोल। स्थिति यह रही कि तेज बारिश की वजह से शहर के मुख्य बाजार सहित अधिकांश मोहल्लों में जल भराव हो गया। जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता। वहीं बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से भी राहत मिली।
बता दे कि मौसम विभाग ने 15 जून से मानसून आने की घोषणा की थी। इसको लेकर जिला प्रशासन ने नगर पालिका को निर्देश दिए थे कि मानसून से पहले शहर के सभी नालों की सफाई पूर्ण कर ली जाए। निर्देश मिलते ही पालिका ने करीब 60 कर्मचारियों की फौज को नाला सफाई अभियान में लगाया और हाल ही में पालिका ने जिलाधिकारी को भेजी रिपोर्ट में शहर के सभी नालों की सफाई पूर्ण करने का दावा किया था। हांलाकि की पालिका के दावों को लेकर पहले भी सवाल उठ रहे थे, लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेंदारी दिखाते हुए सभी नालों की सफाई की बात कह रहे थे।
सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने इन सारे दावों की पोल खोल दी है और घंटे भर की बारिश में शहर में कई जगह जल भराव की स्थिति उत्पन्न कर दी। स्थिति यह रही कि शहर के मुख्य बाजार घंटाघर, शहीद भगत सिंह आदि जगहों पर दुकानदारों को जल भराव की समस्या से जूझना पड़ा। वहीं शहर के निचले इलाकों के लोगों के घरों में नालियों का पानी घुस गया, जो बारिश के दौरान पानी निकालते रहे।
वहीं शहर के रामजीपुरम कालोनी की स्थिति तो ज्यादा खराब नजर आई। जहां मोहल्ले की गलियों में घुटने तक पानी भर गया। कई लोग घरों में कैद रहने को मजबूर रहे और पानी उतरने के बाद ही घरों से निकले। शहर के तिलक नगर, रामजीपुराम कालौन, तुफै लपुरवा, नीलबरी, जेल के पीछे, ईदगाह, शांति नगर, बाल्मीकि कालौनी, रामकुंड के पीछे, बाजरिया, रैलवे कालौन आदि जगहों पर हर साल जल भराव की समस्या हो जाती है। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते, जिसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है।