विश्व पर्यावरण दिवस पर जगह-जगह पर्यावरण जागरुकता संगोष्ठी व पौधरोपण के कार्यक्रम किए गए। इस दौरान लोगों द्वारा पौधों को गोद लेने की घोषणा की गई। साथ ही पारंपरिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने की जरूरत भी बताई गई।
बुंदेलखंड जन मिलन केंद्र की ओर से श्याम मनोहर जूनियर हाईस्कूल में डॉ. अभय करन सक्सेना की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. रामकिशोर पहारिया ने ग्लोबल वार्मिंग को मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा बताया।
पॉलीथिन के प्रयोग न करने, कूड़ा कचरा का सही प्रबंधन से भी पर्यावरण में सुधार हो सकता है। विशिष्ट अतिथि डॉ. विजय कुमार यादव ने पारंपरिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता बताई। केंद्र के निदेशक डॉ. आदित्य कुमार ने पर्यावरण जागरुकता के अभियान को निरंतर गति देने की जरूरत बताई। परियोजना प्रभारी विनय कुमार पांडेय ने पर्यावरण की स्थिति को चिंतनीय बताते हुए वृक्षारोपण व उनके संरक्षण को एकमात्र उपाय बताया।
इस दौरान डॉ. अनुज श्रीवास्तव, देवकी नंदन बुधौलिया, जीडी शर्मा, एसपी बुधौलिया, डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. एके मिश्रा, प्रमोद कठिल, विनीता पांडेय, डॉ. अरुण श्रीवास्तव, डॉ. केसी गुप्ता, भगवत प्रसाद पांडेय, लीलावती पांडेय, विनोद खरे, अवध किशोर द्विवेदी, स्वयंप्रभा, जयनारायण आदि ने भी विचार रखे। इसके अलावा पर्यावरण जागरुकता पत्रक का विमोचन भी किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की ओर से पूर्व माध्यमिक विद्यालय बजीदा में संगठन की प्रदेश अध्यक्ष डा. स्वयंप्रभा दुबे व प्रदेश उपाध्यक्ष जयनारायण चंसौलिया की मौजूदगी में आम, आंवला, जामुन, कंजी, नीबू जैसे 15 पौधे रोपे गए।
इस दौरान पौधरोपण का महत्व बताया गया। इस मौके पर डा. विकास चतुर्वेदी, सुरेंद्र शर्मा, रमणीक श्रीवास्तव, गोविंद श्याम, रचना श्रीवास्तव, श्यामकरन निरंजन, रामलला, रंजना, शुभांगी, अवधेश, शशिकांत, आलोक खरे आदि मौजूद रहे।
विहिप गोरक्षा विभाग की ओर से विभाग के बुंदेलखंड प्रमुख ओमकार ठाकुर की अगुवाई में लहारियापुरवा स्थित कालिदास मार्ग पर कंजी, पीपल आदि के छायादार पेड़ लगाए गए। इस दौरान अनिकेत चतुर्वेदी, विशाल पाल, रमन, कृष्ण कुमार, आशीष त्रिपाठी, नीरज, अनवार, रोहित, अंकित, राहुल आदि मौजूद रहे।
उधर, संस्कार ग्रामोत्थान संस्था व भारत स्काउट गाइड शाखा की ओर से पौधरोपण किया गया। मुख्य अतिथि युद्धवीर कंथरिया, एनसीआरएमयू के शाखा सचिव केके त्रिपाठी, संस्था अध्यक्ष डा. आरके शाक्या, मनीष नागर, आशुतोष पाल, अमित वर्मा, दीपक ठाकुर, धीरेंद्र, सूर्यांशु, नवीन, अमन आदि ने पौधरोपण किया। इस दौरान संस्था के कार्यों की भी जानकारी दी गई। संस्था अध्यक्ष ने बताया कि पिछले 5 जून से 1 मार्च तक आठ हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है।
इसी तरह जिला दीवानी न्यायालय परिसर में फलदार एवं छायादार पौधरोपण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष व जिला जज अनिल कुमार गुप्ता ने पौधरोपण करते हुए कहा कि वनों की कमी और वृक्षों की अधाधुंध कटान के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जो मानव अस्तित्व के लिये गंभीर खतरा है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण का हम सभी को ध्यान रखना चाहिए।
प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार यादव, वन विभाग के रेंजर रामचंद्र सिंह, अश्वनी मिश्र, दीपक तिवारी, करन सिंह यादव, रामदेव चतुर्वेदी, जितेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे। इसी तरह नगर पालिका परिषद में पालिकाध्यक्ष अनिल बहुगुणा व ईओ संजय कुमार की मौजूदगी में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली गई। इस मौके पर सफाई निरीक्षक अशोक कुमार, राजस्व निरीक्षक राकेश कुमार समेत पालिका कर्मी व सभासद मौजूद रहे।
पारंपरिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने की जरूरत
विश्व पर्यावरण दिवस पर जगह-जगह संगोष्ठी व पौधरोपण किया गया