जालौन। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के कारण प्रभावित होने वाले किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर सर्किल रेट से 10 गुना अधिक मुआवजा दिलाए जाने एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग की है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। जो तहसील क्षेत्र के 26 गांवों से होकर निकलेगा। एक्सप्रेस-वे निर्माण में जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। वह सरकार द्वारा दिए जा रहे मुआवजे को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।
तहसील क्षेत्र के ग्राम औरेखी निवासी किसान बालादीन, राजेश कुमार, बृजेश कुमार, राकेश कुमार, जगदंबा शरण, परमात्मा शरण, सियादुलारी, मुन्ना सिंह, बिरंचीलाल, दुर्गा प्रसाद, शिवमंगल आनंद स्वरूप, दयाशंकर, कृपाशंकर आदि ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में उनकी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
लेकिन सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए सर्किल रेट से 4 गुना मुआवजा दिया जा रहा है, जो काफी कम है। जबकि उनकी भूमि उनकी आजीविका का साधन है। ऐसे में किसानों को सर्किल रेट से 10 गुना अधिक मुआवजा दिया जाए, साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। ताकि किसानों का भविष्य सुरक्षित रह सके। इस दौरान अमित कुशवाहा, गोकुलदास, रामप्रकाश, काशीप्रसाद, आशाराम, रामकुमार, परशुराम, राजेश्वरी देवी, नाथूराम, रामनारायण, राघवेंद्र, मोहित कुशवाहा, मन्नूलाल आदि किसान मौजूद रहे।