अपराधियों को पकड़ने के लिए बुंदेलखंड के 14 रेलवे स्टेशनों पर लगेगा चेहरा पढ़ने वाला सॉफ्टवेयर
उरई (जालौन)। अब रेलवे स्टेशन पर अपराधियों का बच निकलना आसान न होगा। अमेरिका, जापान जैसे देशों की तर्ज पर उरई समेत बुंदेलखंड के सभी 14 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें फेशियल रिकॉगनिशन सॉफ्टवेयर की मदद ली जाएगी। इसका लाभ यह होगा कि यह सॉफ्टवेयर मनुष्य का चेहरा पढ़ेगा। यदि कोई अपराधी किस्म का मनुष्य स्टेशन में दाखिल होगा तो अलार्म बजेगा और अपराधी को पकड़ा जा सकेगा।
निर्भया कांड के बाद से सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कई स्तरों पर हो रहे हैं। पहले निर्भया कांड से स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब सीसीटीवी कैमरे ज्यादा प्रभावशाली नहीं हुए तो फिर तकनीकी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके चलते ऐसे स्टेशन जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे है, वहां पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीकी की मदद ली जाएगी। इस तकनीकी के लिए झांसी मंडल परिक्षेत्र के उरई, बांदा, चित्रकूट धाम, महोबा, ललितपुर, मानिकपुर, अतर्रा, बबीना, दतिया, डबरा, धौलपुर, ग्वालियर, मुरैना, खजुराहो व झांसी स्टेशन को चुना गया है। यह सभी स्टेशन वीडियो सर्विलांस तकनीकी से लैस किए जाएंगे।
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स्टेशन एरिया में प्रमुख स्थानों पर लगेंगे कैमरे
रेल अधिकारियों के मुताबिक इस तकनीकी का इस्तेमाल मुख्य द्वार के अलावा प्रतीक्षालय, आरक्षण काउंटर, पार्किंग एरिया, प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज को कैमरे और नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसमें बुलेट टाइप, जूम टाइम, अल्ट्रा एचडी टाइप समेत चार तरह के कैमरे लगाए जाएंगे। अंधेरे में भी इन कैमरों की मदद से तस्वीरों को देखा जा सकेगा। मास्क लगाने पर भी यह कैमरे काम करेंगे।
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साफ्टवेयर में अपलोड होगी अपराधियों की कुंडली
आरपीएफ और जीआरपी के अलावा सिविल पुलिस से अपराधियों की कुंडली मांगी जाएगी। उनकी फोटो साफ्टवेयर में अपलोड होगी। जैसे ही अपराधी किस्म का व्यक्ति साफ्टवेयर की जद में आएगा तो फेशियल रिकॉगनिशन साफ्टवेयर की मदद अपराधी की फोटो आने पर अलार्म बजने लगेगा। ऐसे में अपराधी पकड़ा जा सकेगा। इसके अलावा अन्य अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
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रेलटेल कंपनी करेगी काम
सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि यह तकनीकी के कैमरे सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर लगाए जा चुके हैं। धीरे धीरे सभी प्रमुख स्टेशनों पर यह तकनीकी विकसित की जा रही है। यह काम रेलटेल कंपनी करेगी। संभवत: जनवरी तक काम पूरा हो जाएगा।