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चुनावी डंके के आगे कैसे गूंजेगी शहनाई

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उरई। सहालगों के वक्त चुनावी डंका शादियों की शहनाई के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। फिलहाल तो गेस्ट हाउस संचालक परेशान हैं कि कहीं बुकिंग की तारीखों में जनातियों और बरातियों के स्थान पर उन्हें पुलिस और पैरा मिलेट्री फोर्स की आवभगत न करनी पड़े। इसके बाद शुरू होगा वर-वधू पक्ष के लोगों की परेशानी का सिलसिला, जिन्होंने मोटी रकम देकर गेस्ट हाउस बुक करा लिए हैं, लेकिन कहीं फोर्स ने टिकासन डाल लिया तो उनके समारोह में खलल पड़ना तय है। फिलहाल तो गेस्ट हाउस संचालकों का कहना है कि अभी तक उन्हें आचार संहिता के कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। कोई आदेश आता है तो उसका पालन किया जाएगा।
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बता दें कि होलाष्टक लगने के बाद से ही शादी ब्याहों में ब्रेक लग गया था। 15 अप्रैल से दोबारा सहालग शुरू होनी है। जबकि चौथे चरण के मतदान की तिथि 29 अप्रैल तय है। जिसमें जनपद भी शामिल है। तीसरा चरण यानी 23 अप्रैल के बाद से भारी पुलिस बल का डेरा भी जनपद में पड़ जाएगा। लिहाजा आचार संहिता के चलते सख्ती रहेगी। उसी समय राजनैतिक दलों की रैलियां, बैठकें, जनसंपर्क अभियान व रोड शो आदि आयोजन भी चरम पर होंगे। इसके चलते प्रशासन भी पूरी सख्ती बरतेगा। उस सख्ती के असर शादी समारोहों में भी रहेगा। न सिर्फ गाजे-बाजे और लाउडस्पीकर पर ही रोक लग सकती है, बल्कि पुलिस चेकिंग अभियान चलाएगी। नगदी, जेवर लाने वालों से पूछताछ होगी। ऐसे में लोगों के मन में तरह-तरह के संशय है।

राधिका गेस्ट हाउस के संचालक अजय कुमार गिरहोत्रा का कहना है कि उनके पास 15 से 30 अप्रैल तक की बुकिंग है लेकिन अभी तक उनके पास चुनाव की आचार संहिता को लेकर कोई हिदायत नहीं आई है। उन्होंने स्वीकारा कि एक 29 अप्रैल की भी बुकिंग थी। जो पार्टी ने मतदान की तिथि के चलते कैंसिल करा दी है। अब उसने 30 अप्रैल की बुकिंग कराई है। कहा कि अभी उनके पास वर वधु पक्ष से फोन आ रहे हैं कि चुनाव आचार संहिता को लेकर कोई परेशानी तो नहीं होगी। इस पर वे उन्हें कुछ जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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विजय विक्रम पैलेस के संचालक सुरेंद्र मौखरी ने बताया कि शादी समारोह की बुकिंग तीन से पांच महीने पहले हो जाती है। अब चुनाव में यदि प्रशासन ने गेस्ट हाउसों को पैरामिलेट्री फोर्स के लिए अधिग्रहीत किया तो दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा जो शादी समारोह में गिफ्ट देने पर भी लोग सोचेंगे कि कहीं पूछताछ न होने लगे। सहालग व रैली की तिथि एक होने पर भी दिक्कत हो सकती है। 15 के बाद शादियों का सीजन पीक पर होगा। उसी समय आचार संहिता की भी सख्ती रहेगी। ऐसे में प्रशासन को विकल्प निकालना चाहिए।

आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डा. जग प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस बार 16, 17, 18, 19, 20, 22, 23. 24, 25,26 अप्रैल को शादियां का शुभ मूहूर्त है। इस दौरान लग्न आदि के अनुसार शादियां होगी। हालांकि उन्होंने स्वीकारा कि अलग-अलग पंचांग के अनुसार 15 से 30 अप्रैल तक सभी तिथियों में शादियां हो रही है।
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