उरई। वाराणसी में जलयात्रा करने के बाद गुरुवार दोपहर अचानक कांग्रेस मुख्यालय से संदेश आया कि कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा रविवार को जालौन में रोड शो करेंगी, यह सुनते ही कांग्रेसी सकते में आ गए। कुछ पार्टी नेता कार्यक्रम की तैयारी में जुट गए तो कुछ को समझ में नहीं आ रहा था कि अभी जब भाजपा का प्रत्याशी घोषित नहीं है तो इस रोड शो का कितना लाभ पार्टी को मिल पाएगा।
आएंगी कि नहीं कि इसी उधेड़बुन में शाम हो गई और आखिर में प्रियंका वाड्रा का रविवार को होने वाला रोड शो टाल दिया गया। कांग्रेसी भले ही कार्यक्रम को टाले जाने के लिए अलग अलग बयान दे रहे हों, लेकिन अंदरखाने की मानें तो असल वजह भाजपा का टिकट ही माना जा रहा है। बता दें तीन दशक पूर्व तक जनपद को कांग्रेसियों का गढ़ माना जाता रहा है। जहां एक ही चौधरी परिवार से सगे भाई और भतीजे लोकसभा में जीत दर्ज कर दिल्ली पहुंच चुके हैं।
जनपद के पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लोटनराम ने ही सन 1952 में खाता खोला था। फिर जीत का यह सिलसिला सन 62 और 67 में सांसद चौधरी रामसेवक, सन 80 में नाथूराम और सन 84 में चौधरी लच्छीराम तक जारी रहा। इसके बाद से कांग्रेस की जीत का पहिया ऐसा थमा कि फिर आगे बढ़ने का नाम ही नहीं ले सका। इसी थमे पहिए को एक बार फिर से रफ्तार देने के लिए कांग्रेसियों ने प्रियंका वाड्रा को कमान सौंपने का मन बनाया, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि प्रियंका का कार्यक्रम यूं इस तरह अचानक और वह भी सामने भाजपा का कौन प्रत्याशी है, पता चलने से पहले ही आ जाएगा।
जैसा कि शुक्रवार को हुआ। यही वजह थी कि कांग्रेसियों ने दौरा टलने की सूचना पर राहत की सांस ली। कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी एवं पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी का कहना है कि भाजपा प्रत्याशी के सामने रोड शो या जनसभा और भी असरदार होती, हालांकि लिखित में कोई कार्यक्रम शुक्रवार को भी नहीं आया था। कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर चौधरी का कहना है कि पार्टी का मुकाबला ही भाजपा से हैं, फिर भी कांग्रेसी तैयार है, जब भी प्रियंका वाड्रा का दौरा होगा तो वह ऐतिहासिक साबित होगा।
पंडित नेहरू से लेकर राहुल तक कर चुके दौरा
कांग्रेस के लिहाज से जनपद कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंडित नेहरू हो या फिर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी हो या फिर राहुल गांधी सभी ने बुंदेलखंड के जनपद जालौन में आकर कांग्रेस के लिए समर्थन जुटाने का काम किया है।
पुखरायां से ऐरच तक का प्रस्तावित था रोड शो
पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रियंका का कार्यक्रम रोड शो का ही था। जिसमें कानपुर के बाद पुखरायां से रोड शो शुरू होना था, जो कि भोगनीपुर, कालपी होता हुआ उरई पहुंचता और फिर यहां से एट होते हुए झांसी के रास्ते एरच की ओर निकल जाता।