उरई। कोहरे के कारण निरस्त की गईं ट्रेनों को अब तक बहाल नहीं किया गया है। जबकि कोहरा समाप्त हो गया है और पारा भी तीस के आसपास आ गया है। इससे झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक के लोगों को खासी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी इंटरसिटी ट्रेन के निरस्त होने के कारण हो रही है। लोगों ने जल्द ट्रेन का संचालन शुरू करने की मांग की है।
बता दें कि बरौनी से ग्वालियर जाने वाली छपरा मेल बुधवार व शनिवार को निरस्त चल रही है। ग्वालियर से बरौनी जाने वाली ट्रेन का सोमवार व गुरुवार को संचालन नहीं हो रहा है। इसी तरह झांसी से कोलकाता जाने वाली प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन अप व डाउन में 31 मार्च तक निरस्त चल रही है। इसी तरह झांसी लखनऊ पैसेंजर भी और झांसी लखनऊ इंटरसिटी को रेलवे प्रशासन ने 31 मार्च तक निरस्त कर दिया गया है।
पहले इन ट्रेनों को 15 दिसंबर से कोहरे के कारण 15 फरवरी तक निरस्त करने की घोषणा की थी, लेकिन इस साल उम्मीद के मुताबिक न के बराबर कोहरा पड़ा, लेकिन इसके पहले 15 फरवरी को ट्रेनों का संचालन शुरू हो पाता, उसे 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि अब तो पारा 30 के आसपास पहुंच गया है फिर भी ट्रेनेें निरस्त चल रही है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। हालांकि रेल अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक पर काम होने के कारण ट्रेनें बेवजह लेटलतीफ होतीं, इसलिए कुछ ट्रेनों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही ट्रेनों का संचालन नियमित हो जाएगा।
मोहल्ला बघौरा निवासी हृदेश कुमारी का कहना है कि झांसी लखनऊ इंटरसिटी इस रूट की लाइफ लाइन मानी जाती है लेकिन दो महीने से निरस्त चल रही है और अब तो उसका निरस्तीकरण 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है। पैसेंजर से भी यात्री होली में आराम से पहुंच जाते, अब वे भी परेशान होंगे। रामपुरा निवासी विपिन चौबे बोले कि पैसेंजर व इंटरसिटी के निरस्तीकरण के साथ कोलकाता जाने वाली एकमात्र ट्रेन प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस भी 31 मार्च तक निरस्त है। इसी तरह छपरा मेल को भी हफ्ते में दो दिन निरस्त किया गया है। आगे पता नहीं कि 31 मार्च के बाद चलेंगी भी या फिर इनका निरस्तीकरण और बढ़ा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि होली पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाना चाहिए।