सिरसा कलार। कुठौंद ब्लॉक के ग्राम जहटौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य पिछले एक वर्ष से रुका हुआ है। भवन के ठीक ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन इसके पीछे बड़ी बाधा बनी हुई है। लाइन न हटने के कारण कोई भी मिस्त्री भवन गिराने या नया निर्माण शुरू करने को तैयार नहीं है।
विद्यालय में वर्तमान में 65 बच्चे नामांकित हैं। करीब 40 वर्ष पुराने भवन को शिक्षा विभाग ने जीर्ण-शीर्ण घोषित कर ध्वस्त कर नए भवन के निर्माण की सूची में शामिल किया है। इसके बावजूद भवन गिराने की प्रक्रिया बिजली लाइन के चलते आगे नहीं बढ़ पा रही है।
ग्राम जहटौली के अभिभावक संतोष कुमार, पप्पू, गजेंद्र, अनिल सिंह, वीर सिंह, अंगद सिंह, श्रीकृष्ण आदि विद्यालय पहुंचकर बच्चों के साथ जर्जर भवन के सामने खड़े हुए और विरोध जताया। उनका कहना है कि जब तक विद्यालय के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन नहीं हटाई जाती, तब तक भवन गिराना या नया निर्माण नहीं हो सकता है। अभिभावकों ने बताया कि कई बार बिजली के तार विद्यालय परिसर की रेलिंग पर गिर चुके हैं, उस समय बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इससे बड़ा हादसा भी हो सकता था।
10 वर्ष से लाइन हटाने की मांग
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शमीम अख्तर शेख ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से लाइन हटवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लगभग एक दशक पहले विद्यालय में आए मंडलीय आयुक्त को लिखित प्रार्थना पत्र भी दिया गया था। उस समय लाइन को विद्यालय के बीच से हटाकर भवन के ऊपर से कर दिया गया, लेकिन पूर्ण रूप से शिफ्ट नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि यदि लाइन समय रहते हट जाती तो नए सत्र में बच्चों को नया भवन मिल सकता था। वर्तमान में पांच कक्षाएं सीमित कमरों में संचालित हो रही हैं। प्रस्तावित नया भवन ऊंचाई के हिसाब से बनाया जाना है, लेकिन ऊपर से गुजरती लाइन के कारण निर्माण कार्य संभव नहीं हो पा रहा है। (संवाद)
वर्जन
विद्यालय के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन हटाने का एस्टीमेट तैयार कर भेज दिया गया है। बजट स्वीकृत होते ही लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
- निखिल जिंदल, एसडीओ कुठौंद, बिजली निगम
फोटो - 03 प्राथमिक विद्यालय के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन। संवाद