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Jalaun News: नौ साल से बुलडोजर के डर के साये में 109 परिवारं

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फोटो -08 फोटो इमरान खान
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मुहम्मदाबाद (उरई)। उरई से मुहाना तक बनने वाले स्टेट हाईवे को मंजूरी मिले नौ साल गुजर चुके हैं, लेकिन मुहम्मदाबाद और कुसमिलिया गांव के बीच तीन किलोमीटर सड़क अब भी अधूरी है। दोनों गांवों में सड़क चौड़ीकरण के लिए जद में आ रहे 109 मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाए, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में यह रहने वाले 109 परिवार न तो निर्माण करा पा रहे हैं और न ही मरम्मत। उन्हें हद दम बुलडोजर का डर सता रहा है। वहीं, लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी हर बार जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन देते हैं। साथ दोबारा पैमाइश की बात भी कह रहे हैं।
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उरई के चतुर्भुज चौराहे से मुहाना तक 22 किलोमीटर स्टेट हाईवे को सपा शासनकाल में वर्ष 2015 में मंजूरी मिली थी। 2016 में 127 करोड़ की लागत से निर्माण शुरू हुआ और 2017 तक तैयार पूरा होना था। काम पीडब्ल्यूडी के जिम्मे है। मुहम्मदाबाद व कुसमिलिया में एक-एक किलोमीटर सड़क आज भी नहीं बन सकी। वहीं मुहाना बेतवा के पास आधा किलोमीटर से अधिक का रास्ता टूटकर गड्ढों में बदल चुका है। इससे लोगों को गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
निर्माण के दौरान मुहम्मदाबाद में 39 और कुसमिलिया में 70 घर व दुकानें सड़क चौड़ीकरण के लिए चिन्हित किए गए थे। दोनों ओर 11-11 मीटर सड़क बढ़ाई जानी है। पैमाइश के बाद कई मकानों पर लाल स्याही से निशान भी लगाए गए थे लेकिन मुआवजा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अटकने से काम ठप हो गया। लोगों ने बताया कि हम न मरम्मत करा पा रहे, न दुकान बना पा रहे हैं। डर है कि किसी दिन दुकानों को न तोड़ दिया जाए। अधिकारियों का कहना है कि शासन से बजट मिलने के बाद दोबारा पैमाइश कराई जाएगी।
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पीड़ितों की जुबानी


बस स्टैंड पर हमारा मकान है। नौ साल पहले पैमाइश हो गई थी, निशान भी लगा दिए थे। डर के कारण न मरम्मत करा पा रहे और न किराये पर दुकान दे पाए। पता नहीं किस दिन मकान गिराने आ जाएं।
- अरुण कुमार राजपूत, कुसमिलिया










पुश्तैनी मकान के आगे बना पुराना बाथरूम व शौचालय हाईवे के चक्कर में तोड़ दिया। सड़क बनने के इंतजार में पूरा घर अधूरा पड़ा है लेकिन कर भी क्या सकते हैं।
- वीर प्रताप, कुसमिलिया













तीन लाख में दुकान खरीदी थी, लेकिन वह भी सड़क में आ रही है। अधिकारी कई बार नापतौल कर गए, पर काम शुरू नहीं हुआ। अगर दुकान टूटनी है तो बता दें ताकि दूसरी जगह काम शुरू कर सकें।
- इमरान खान, निवासी मुहम्मदाबाद













दोनों गांव में नापतौल और मुआवजा कागज जमा होने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ। नौ साल से आज-कल में समय निकल गया। विभाग व ग्रामीणों में मुआवजे को लेकर सहमति नहीं बन पा रही।
- जाफर शाह, मुहम्मदाबाद







मुहम्मदाबाद के 39 प्रभावित लोग



मुहब्बत शाह, बाबू शाह, नवाब अली, मोहम्मद नसीम, कल्लू शाह, इमरान खान, अब्दुल गफ्फार, अबू तालिब, बहीदन, मुंशी शाह, अनीशा बेगम, चरन सिंह, घनश्याम, लियाकत खान, रिसालत खान, महादेव, अशोक कुमार, श्रीमती मुन्नी देवी, अशोक कुमार , कृष्ण कुमार, विवेक कुमार, विनय कुमार, संतोष कुमार, संजीव कुमार, अशोक बाबू, सुनील कुमार, श्रीमती सुनीता, महादेव आदि।




कुसमिलिया के 70 प्रभावित लोग
भानु प्रताप, कालीचरन, टीकाराम, दिनेश दिवाकर, रामप्रकाश, दुष्यंत, महेंद्र, प्रमोद, धर्मेंद्र, देवेंद्र, मयंक, विवेक, सुनीता, वीरपाल, मूलचंद, इंद्रपाल, अनीता, जगत, वीर प्रताप, जयप्रकाश, द्राकपाल, अरविंद, अजय, मोहनलाल, विश्राम सिंह, बबलू, धनसिंह, अजय कुमार, जितेंद्र, सुधरसिंह, मोहन, प्रताप सिंह, पवन कुमार, अवध किशोर, मनोज कुमार, हरकिशोर, अजीत, हरदयाल, रामाधार, स्वामी प्रसाद, ठाकुरदीन, ओमप्रकाश, पवन कुवर, शिवराम, लालाराम, राजू, संतोष, काली मंदिर, कुलदीप सिंह, बलराम, विद्या देवी, पुष्पा, सीताराम, शंकर, करन, संजय, रचना, मूलचंद आदि।








अधूरे पड़े स्टेट हाईवे के लिए नया एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा होगा। 2021 में जो पैमाइश हुई थी, उसे अब दोबारा कराया जाएगा, ताकि यह पता चले कि किसने अपना मकान बेचा या बदला है। उसके बाद ही नया मुआवजा तय होगा।
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गौरीशंकर वर्मा, सदर विधायक

फोटो -08 फोटो इमरान खान

फोटो -08 फोटो इमरान खान

फोटो -08 फोटो इमरान खान

फोटो -08 फोटो इमरान खान

फोटो -08 फोटो इमरान खान

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