अपर पुलिस महानिदेशक के सीयूजी नंबर पर विधानसभा उड़ाने की धमकी देने वाला फरहान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फरहान भले ही शरारतन धमकी देने की बात कह रहा हो, लेकिन विधानसभा परिसर में शुक्रवार को विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस व जांच एजेंसियां दोनों मामलों को जोड़ कर देख रही हैं। ऐसे में फरहान यूपी की एसटीएफ सहित केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए के भी रडार पर आ गया है। दोनों कभी भी फरहान से पूछताछ कर सकते हैं।
विस्फोट बरामद होने से एक दिन पूर्व ही वह देवरिया पुलिस के हत्थे चढ़े फरहान पर जेल में पैनी नजर रखने का निर्देश भी जारी किया गया है। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के कवलाछापर गांव का रहने वाले फरहान अहमद, पुत्र वजीर अहमद ने छह जुलाई को अपर पुलिस महानिदेशक के सीयूजी नंबर पर फोन कर स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर विधानसभा को उड़ा देने की धमकी दी थी।
इसके बाद पुलिस और जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए। आनन-फानन में धमकी देने वाले की तलाश के लिए खुफिया एजेंसियों और पुलिसकर्मियों को सक्रिय कर दिया गया। जांच-पड़ताल में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से फोन किया गया है, वह देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र का है। इसके बाद देवरिया पुलिस को सक्रिय किया गया।
चूंकि मामला गंभीर था और विधानसभा उड़ाने की बात थी, इसलिए देवरिया पुलिस ने इस मामले में बड़े ही गोपनीय ढंग से जांच-पड़ताल की। बृहस्पतिवार को तरकुलवा पुलिस ने तवक्कलपुर बंधे के पास से फरहान को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वह मोबाइल और सिम कार्ड भी बरामद हुआ। फरहान से जब पूछा गया कि आखिर विधानसभा उड़ाने की धमकी देने की बात उसके दिमाग में कहां से दिमाग में आई तो उसने बताया कि धमकी उसने किसी से लगाई शर्त के चलते दी थी। सूत्र बताते हैं कि उसने यह शर्त अपनी प्रेमिका से लगा रखी थी।