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मुज्जफरनगर दंगाः बलात्कार के मामलों में नहीं मिले ‘सुबूत’

Sat, 07 Dec 2013 02:14 AM IST
अमर उजाला, मुज्जफरनगर
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हिंसा के दौरान दर्ज किए गए बलात्कार के सात मामलों की तफ्तीश में एसआईटी भी उलझी हुई है।
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पीड़ित महिलाओं ने दुष्कर्म की बात तो कही, लेकिन एसआईटी कोई भी सुबूत नहीं जुटा पाई। जांच में महिलाएं अपने कपड़े तक उपलब्ध नहीं करा पाईं। थक-हारकर पुलिस अब कोर्ट में पीड़िताओं के 164 के बयान दर्ज कराने की तैयारी में है।
 
हिंसाग्रस्त थाना क्षेत्रों शाहपुर, फुगाना और भौराकलां में दंगे के दौरान महिलाओं से बलात्कार के सात मामले दर्ज कराए गए थे।

अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन वजीहत हबीबुल्लाह के समक्ष शामली कैंप में पीड़िताओं ने यह मामला उठाया था। एसआईटी ने रेप के मामलों की जांच की तो किसी भी घटना के पुख्ता सुबूत सामने नहीं आए। पीड़िताओं ने आईओ के समक्ष 161 के बयानों में बलात्कार के आरोप लगाए हैं, लेकिन घटना के समय पहने गए कपड़ों को नाले और कूड़े पर फेंका जाना बताया है।
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दूसरी ओर घटना को लंबा वक्त गुजर जाने की वजह से मेडिकल जांच में भी कोई क्लू मिलने के आसार कम ही हैं। आरोपी घटना के वक्त कहां थे? अब एसआईटी इन तथ्यों को खंगालने में जुटी है।

कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें आरोपियों की मोबाइल लोकेशन घटना के वक्त दूसरी जगहों पर मिली है। कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक अब पीड़ित महिलाओं के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। इस बाबत तीन दिन पूर्व कोर्ट में आवेदन भी किया जा चुका है।
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मनोज कुमार झा, एसपी एसआईटी के मुताबिक जांच में पर्याप्त पर्याप्त सुबूत नहीं मिले हैं। आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पीड़िताओं के बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में आवेदन कर दिया गया है। तिथि निर्धारित होते ही सभी के बयान दर्ज करा दिए जाएंगे।
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