इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) से बीटेक की पढ़ाई महंगी हो गई है।
आईआईटी काउंसिल के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी ट्यूशन फीस बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है।
साथ ही सभी आईआईटी को शैक्षिक सत्र 2013-14 से बढ़ी फीस वसूलने का आदेश दिया है।
अब आईआईटी अपने-अपने बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) की मीटिंग बुलाएंगे और फीस वसूलने पर मुहर लगाकर अंतिम आदेश जारी कर देंगे।
आईआईटी कानपुर की बीओजी अप्रैल में प्रस्तावित है। फीस की ये बढ़ोतरी 10 साल बाद हुई है।
कानपुर, वाराणसी सहित देश की 16 आईआईटी में शैक्षिक सत्र 2013-14 से एडमिशन लेने वाले बीटेक फर्स्ट ईयर के करीब 10 हजार स्टूडेंट को सालाना 40 हजार रुपये ट्यूशन फीस ज्यादा देनी होगी।
हर सेमेस्टर में 20-20 हजार रुपये ट्यूशन फीस बढ़ी है। अभी तक बीटेक फर्स्ट ईयर की सालाना ट्यूशन फीस 50 हजार रुपये निर्धारित थी।
हर सेमेस्टर में 25-25 हजार रुपये फीस वसूली जा रही थी, जिसे कि मार्च 2013 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बढ़ा दिया है।
आईआईटी कानपुर में बीटेक फर्स्ट ईयर के करीब 900 स्टूडेंट एडमिशन लेंगे। इन सभी से बढ़ी ट्यूशन फीस ली जाएगी।
फीस बढ़ने से कोई नहीं होगा वंचित
फीस बढ़ने के बाद भी कोई स्टूडेंट पढ़ाई से वंचित नहीं होगा। सभी को बैंक लोन की आसान सुविधा मुहैया कराई जाएगी। कमजोर तबके के स्टूडेंट को फीस में कुछ छूट, स्कॉलरशिप भी दी जानी है।
-फीस बढ़ोतरी का आदेश पुराने स्टूडेंट पर लागू नहीं होगा। आईटी बीएचयू वाराणसी को भी आईआईटी का दर्जा मिल गया है। वहां एडमिशन लेने वाले फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट से भी बढ़ी फीस ली जानी है।
प्रो. इंद्रनील मन्ना, आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर