उत्तर प्रदेश में गंगा प्रदूषण जैसे गंभीर मामले को लेकर प्रदेश सरकार की लापरवाही पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा है कि सरकार इस महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय को अपेक्षित सहयोग नहीं दे रही है।
कोर्ट ने मूर्ति विसर्जन नहीं करने का आदेश देते हुए डीएम से हलफनामा मांगा है। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील के कोर्ट में अनुपस्थिति रहने और पूर्व के आदेश के अनुपालन को लेकर हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की।
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर वैकल्पिक उपाय बताने के पूर्व के आदेश पर भी जिलाधिकारी की ओर से कोई जवाब अब तक नहीं दिया गया है। कोर्ट ने मूर्ति विसर्जन नहीं करने का आदेश देते हुए डीएम से हलफनामा मांगा है।
23 सितंबर को दो ड्रोजिंग मशीन खरीदने के आदेश पर भी सरकार की ओर से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
न्यायमित्र अरुण गुप्ता ने कहा कि अदालत ने पिछले वर्ष जिला प्रशासन को मूर्ति विसर्जन के वैकल्पिक उपाय बताने का निर्देश दिया था किंतु इस बाबत कोई जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। याचिका पर चार अक्तूबर को अगली सुनवाई होगी।