बिजनौर जिले के इनायतपुर गांव के रहने वाले आठ वर्षीय पीयूष की हत्या 24 अक्टूबर को कर दी गई थी। लगभग तीन महिने बाद पुलिस जांच में जब हत्यारे का नाम सामने आया तो घरवालों के होश उड़ गए। क्योंकि कातिल कोई और नहीं, बल्कि पीयूष का सगा ताऊ ही था।
इनायतपुर निवासी होमगार्ड सहदेव के बेटे पीयूष की शव खेत में पड़ी मिली थी। शव पर जगह-जगह ब्लेड से काटे जाने के निशान थे। साक्ष्य तांत्रिक क्रिया की ओर इशारा तो कर रहे थे, मगर कातिल का चेहरा बेपर्दा नहीं हो पा रहा था।
थानाध्यक्ष शिवाला कलां प्रवीण सोलंकी के मुताबिक पुलिस को सहदेव के भाई कमलवीर पर शक था, जो तंत्र-मंत्र किया करता था। तीन महीने की पड़ताल में शक की पुष्टि हो जाने पर आखिरकार मंगलवार की रात सेह के पुल के पास से कमलवीर पकड़ा गया। पुलिस ने सख्ती की तो हत्यारे ने राज उगल दिया।
कमलवीर ने बताया कि नवरात्र के दौरान उसने देवी को खुश करने के लिए बच्चे की बलि चढ़ाने की सोची, जिस पर अमल करते हुए नवरात्र की अष्टमी को वह भतीजे पीयूष को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां कमरे में बंद कर उसे गंगाजल से नहलाया। बच्चा शोर मचाने लगा, तो गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
उसके शरीर को ब्लेड से काटकर खून निकाला और देवी की तस्वीर पर चढ़ाया। इसके बाद शव को गन्ने के खेत में फेंक आया। पुलिस ने हत्याभियुक्त कमलवीर को जेल भेज दिया है।