शक की आग में झुलस रहे एक दलित पति ने शुक्रवार की रात अपनी पत्नी की फावड़े से हत्या कर दी। हत्या के बाद शव घर के आंगन में गड्ढा खोद कर दबा दिया।
पति ने दो दिन तक घटना की भनक किसी को नहीं लगने दी, लेकिन बाद में उसने जेल जाकर अपना गुनाह कबूल कर लिया। रविवार को एसएसपी के पास जाकर उसने घटना का खुलासा कर दिया।
एसपी ने थाना बेवर पुलिस को बुलाकर आरोपी को सौंप दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बरा निवासी मुन्ना लाल कठेरिया की शादी आठ साल पहले सगुना देवी (36) के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। उसके दो बच्चे अनिकेश (6) और अनुज (4) हैं।
उसकी गैरमौजूदगी में पत्नी मोबाइल पर काफी देर तक बातें करती थी। ऐसा भी कहा जा रहा है कि वह घर का अनाज बेच कर मोबाइल रिचार्ज कराती थी और पति को इसकी जानकारी नहीं देती थी। इसे लेकर घर में कलह होती थी।
19 जुलाई की शाम जब वह घर आया तो पत्नी मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी। उसने विरोध किया तो पत्नी से विवाद हुआ। रात को मुन्ना लाल अनुज के साथ और अनिकेश मां के साथ आंगन में सो गया।
आधी रात के बाद मुन्ना लाल ने दोनों बच्चों को छत पर ले जाकर सुला दिया और फिर उसने फावड़े से पत्नी की हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव को आंगन में गड्ढा खोदकर दफना दिया।
रविवार दोपहर वह एसपी आवास पर पहुंचा। एसपी से मिलकर उसने पूरी घटना बताते हुए अपराध स्वीकार कर लिया। एसपी श्रीकांत सिंह ने थानाध्यक्ष बेवर को बुलाकर मुन्ना लाल को सौंप दिया।