उत्तर प्रदेश में प्राइमरी से पहले उच्च प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान और गणित के सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती की जाएगी। सचिव कार्यालय बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने इस संबंध में संशोधित प्रस्ताव भेज दिया है।
उच्च प्राइमरी स्कूलों में पहले रिक्त सीटों के 50 फीसदी पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शेष 50 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। इस संबंध में जल्द शासनादेश जारी करने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश में मौजूदा समय 46,000 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में विज्ञान और गणित शिक्षक के 58,666 पद रिक्त हैं। राज्य सरकार विज्ञान और गणित को बढ़ावा देना चाहती है। इसलिए उच्च प्राइमरी स्कूलों में इन पदों पर सीधी भर्ती की योजना तैयार की गई है।
इस संबंध में शासन ने बेसिक शिक्षा परिषद से संशोधित प्रस्ताव मांगा था। इसमें कहा गया था कि पदोन्नति से कितनी सीटें भरी जाएंगी और कितनी सीधी भर्ती होगी। परिषद ने संशोधित प्रस्ताव भेज दिया है। इसके मुताबिक रिक्त 58,666 पदों में से आधे 29,333 पद को पदोन्नति से पहले भरा जाएगा।
इन पदों पर प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापकों को पदोन्नति दी जाएगी। बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली के मुताबिक प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त शिक्षकों को तीन साल की सेवा पर प्राइमरी स्कूलों में प्रधानाध्यापक या उच्च प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाया जाता है।
प्रदेश में मौजूदा समय पदोन्नति प्रक्रिया चल रही है। इसलिए पहले आधे पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा और इसके बाद रिक्त आधे पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।