दिल्ली के बहुचर्चित गैंगरेप कांड के छठे आरोपी को नाबालिग मानने के बाद उसकी उम्र को लेकर यहां भी बहस छिड़ी है। वहीं बदायूं में स्कूल में दाखिले के वक्त उम्र का निर्धारण अंगूठे से कान पकड़वाकर किया जाता है।
बदायूं जिले के भवानीपुर नगला के प्राइमरी स्कूल में इस आरोपी की जन्मतिथि स्कूल के अभिलेखों में चार जून 1995 दर्ज है और उसने दाखिला लिया था 19 जुलाई 2002 यानी सात साल की उम्र में। स्कूल में उसकी पैदाइश का कोई अन्य रिकार्ड नहीं है। इस स्कूल में पढ़ रहे अस्सी फीसदी बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं हैं। इस मामले में यह स्कूल एक बानगी भर है।
भवानीपुर नगला (इस्लामनगर) स्थित प्राइमरी स्कूल की शिक्षामित्र ने बताया कि प्राइमरी कक्षा में एडमिशन लेते वक्त वह बच्चे से सीधे हाथ से सिर के पीछे से बायां कान पकड़ने को कहते हैं। अगर वह कान पकड़ लेता है तो मान लिया जाता है कि बच्चे की उम्र पांच साल हो चुकी है।
इसी आधार पर परिजनों से जन्मतिथि पूछकर दाखिला ले लिया जाता है। दिल्ली गैंगरेप मामले में छठे आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग माना है।