टप्पल क्षेत्र में यमुना नदी में जलस्तर में लगातार गिरावट से बाढ़ से जूझ रहे ग्रामीणों ने अब राहत की सांस ली है, पर मुसीबतें अभी कम नहीं हुई हैं। हालांकि, बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद प्रशासन ने गांवों में सफाई और पुनर्वास कार्य शुरू कर दिया है। प्रदेश के प्रभारी मंत्री के प्रभारी मंत्री के भी बृहस्पतिवार को दौरा करेंगे।
महाराजगढ़ का संपर्क अभी भी कटा हुआ है, गांव के लोग जरूरी कामों से नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं और जलस्तर कम होने पर कटे हुए संपर्क मार्ग में पानी से भरे रास्ते पर पैदल भी निकल रहे हैं, यहां राहत कार्य भी तेजी नहीं पकड़ पा रहे हैं। लोग घरों से कीचड़ भी खुद ही निकाल रहे हैं, कुछ परिवारों ने सर्वे की आस में अभी घरों की सफाई भी नहीं की है। बाढ़ के दौरान बिजली के खंभे गिर जाने से गांव में पांच दिन से बिजली नहीं आ रही है। गिरे हुए खंभों को आज से सही कराने का कार्य शुरू करा दिया गया है। बाढ़ प्रभावित गांव शेरपुर, पखौदना, नगला अमर सिंह, नगला रामस्वरूप, रामगढ़ी, लालपुर, नगला चंडी, घरबरा, ऊंटासानी और धारा की गढ़ी में लोग आवश्यक वस्तुओं के लिए प्रशासन की राहत किट पर ही निर्भर हैं और कई परिवारों के लोग राहत शिविरों में ही रह रहे हैं।
प्रशासन ने शुरू कराया सफाई अभियान
यमुना के जलस्तर में कमी आने के साथ ही, जिला प्रशासन ने शेरपुर, पखौदना, नगला अमर सिंह, नगला रामस्वरूप, रामगढ़ी, लालपुर, नगला चंडी, घरबरा, ऊंटासानी और धारा की गढ़ी गांवों की सफाई के लिए कर्मचारियों को लगाया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में कीचड़ और मलबे को हटाने का काम तेजी से चल रहा है ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता मिले।
अनाज मंडी में बने बाढ़ राहत शिविर में 400 से अधिक लोग और 150 से ज्यादा पशु ठहरे
टप्पल स्थित अनाज मंडी में बनाए गए अस्थाई बाढ़ राहत शिविर में अभी भी करीब 400 लोग और 150 से अधिक पशु आश्रय लिए हुए हैं। ये लोग और पशु अपने घरों और गांवों में पानी भर जाने के कारण यहां शरण लेने के लिए मजबूर हुए थे। प्रशासन ने शिविर में रह रहे लोगों के लिए भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई हैं। साथ ही, पशुओं के लिए भी चारे और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। राहत शिविरों में डॉक्टर और पशु चिकित्सक की टीम लगातार मौजूद हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
प्रभारी मंत्री का कल दौरा संभावित, ग्रामीणों से करेंगे मुलाकात
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए टप्पल क्षेत्र के यमुना के तटीय गांव में बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री (गन्ना विकास एवं चीनी मिल) एवं अलीगढ़ के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी आएंगे। वे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करना और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। मंत्री के दौरे से राहत और पुनर्वास कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद है।
प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी टप्पल के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का सुबह11 बजे के करीब दौरा करेंगे। यमुना क्षेत्र का जलस्तर लगातार घट रहा है। गांव महाराजगढ़ का संपर्क मार्ग व विद्युत खंभों के दुरुस्तीकरण का कार्य पानी के सूखते ही तत्काल प्रभाव से कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ राहत शिविर में अपना काम जारी रखे हुए है। शिशिर कुमार सिंह एसडीएम खैर
बाढ़ से उनका करीब 200 मन भूसा खराब हो गया है, मकानों की दीवारों में दरारे आ गई है। जलस्तर के घटने के बाद सामान्य स्थिति होने में करीब एक माह लगेगा। - कुमरपाल, महाराजगढ़