संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सर्दी से बचाने वाले (लिहाफ) रजाई अब आमजन के लिए महंगी होगी। क्योंकि सूत के दामों में पंद्रह रुपये प्रतिकिलो का इजाफा हो गया है। सूत के दामों में पंद्रह रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोत्तरी हुई है। इस कारण सीजन की शुरुआत में हैंडलूम कारोबारी सूत का स्टॉक करने से कतरा रहे हैं। उन्हें आने वाले दिनों में सूत के दामों में उतार चढ़ाव का डर सता रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जिले में करीब तीन सौ हैंडलूम मशीनें लगी हुई हैं। इन हैंडलूम पर सैकड़ों की संख्या में लोग काम करते हैं। सूत के जरिए चादर, रजाई, भरने वाले लिहाफ, बेडशीट आदि बनाई जाती हैं। रजाई में डोरे डालने के लिए गुल्ला भी बनाए जाते हैं। यहां से भरतपुर, राजस्थान, डीग आदि स्थानों पर माल जाता है। हैंडलूम कारोबार में प्रयुक्त होने वाली बिजली को सरकार द्वारा सब्सिडी भी दी जाती है। जिससे यह काम जिले में रफ्तार पकड़ रहा है। अचानक सर्दी की दस्तक के साथ सूत के दामों में करीब पंद्रह रुपये प्रतिकिलो की बढ़ोत्तरी हुई है। इस कारण अब रजाई भी आमजन के लिए महंगी पड़ेगी।
- एक माह पहले सूत के दाम 35 से 38 रुपये किलो थे। अब सूत के दाम पचास रुपये प्रतिकिलो पहुंच गए हैं। पांच से छह रुपये प्रतिकिलो की बचत माल पर बचत मिलती है। अब सूत के दाम 12 रुपये प्रतिकिलो बढ़ने से कारोबार में दिक्कतें आ रही हैं। - बासुदेव माहौर, हैंडलूम कारोबारी।