हाथरस के चंदपा क्षेत्र के एक गांव के खेत में 14 सितंबर 2020 को एक युवती गम्भीर हालत में मिली। मामले में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। 900 दिन बाद आज 2 मार्च 2023 को मामले में कोर्ट ने फैसला सुना दिया। एक आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार का अर्थदण्ड की सजा दी है, बाकी तीन को बरी कर दिया।
कब-कब क्या-क्या हुआ
- 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में एक युवती के साथ दरिंदगी हुई। जिला अस्पताल से अलीगढ़ जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा। पुलिस ने एक आरोपी संदीप के खिलाफ दर्ज किया जानलेवा हमले व एससी-एसटी उत्पीड़न के तहत मुकदमा दर्ज।
- 19 सितंबर को पुलिस ने नामजद आरोपी संदीप को किया गिरफ्तार।
- 22 सितंबर को बिटिया के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा 376 डी बढ़ाई और तीन अन्य अभियुक्तों के नाम किए शामिल।
- 23 सितंबर को दूसरे आरोपी लवकुश को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- 25 सितंबर को तीसरे आरोपी रवि को पुलिस ने किया गिरफ्तार। तत्कालीन कोतवाली निरीक्षक चंदपा को किया गया लाइनहाजिर।
- 26 सितंबर को चौथे आरोपी रामू को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- 28 सितंबर बेहद गंभीर हालत में बिटिया को अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज से दिल्ली किया रेफर।
- 29 सितंबर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बिटिया ने तोड़ा दम। परिजनों की इच्छा के बिना प्रशासन ने मध्य रात्रि को किया बिटिया के शव का अंतिम संस्कार।
- 2 अक्तूबर तत्कालीन एसपी, सीओ सहित पांच पुलिसकर्मी किए निलंबित।
- 4 अक्तूबर को प्रदेश सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांंच कराने की संस्तुति की।
- 11 अक्तूबर को सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू की।
- 21 नवंबर को सीबीआई अलीगढ़ जेल में बंद चारों अभियुक्तों को गुजरात ले गई पॉलीग्राफ व ब्रेन मैपिंग जांच कराने के लिए।
- 06 दिसंबर को फिर गुजरात से अलीगढ़ जेल में किया निरुद्ध।
- 18 दिसंबर 2020 को सीबीआई ने जांच के बाद हाथरस के विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में चारों अभियुक्तों के खिलाफ दाखिल किया आरोप पत्र।
- 02 मार्च 2023 को कोर्ट ने एक आरोपी को दोषी माना और तीन को किया बरी।