सादाबाद के गांव कुम्हरई से गुजर रहे जुगसना रजबहे में अचानक पानी छोड़े जाने से 21 फरवरी की सुबह इसकी पटरी टूट गई, जिससे इसका पानी आसपास के खेतों में घुस गया। इससे 10 किसानों की गेहूं और आलू की करीब 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। सुबह पानी में डूबी फसलों को देख किसानों ने अपना माथा पकड़ लिया। किसानों को डर है कि अधिक पानी लगने की वजह से कहीं उनकी फसल न बर्बाद हो जाए।
मेरी सात बीघा आलू की फसल रजबहे के पानी से जलमग्न हो गई है। रजबहे में पानी छोड़ने से पहले इसकी सफाई कराई जानी चाहिए थी, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही से उनकी फसल में नुकसान होने की पूरी संभावना है। -महीपाल सिंह, किसान।
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मेरी भी करीब छह बीघा आलू की फसल में रजबहे की पटरी कटने की वजह से पानी भर गया। इससे फसल को भारी नुकसान हो सकता है। प्रशासन को जांच कराकर मुआवजा देना चाहिए। -महेश, किसान।
रजबहे की पटरी कटने से मेरी भी करीब पांच बीघा आलू की फसल में पानी भर गया। काफी मेहनत व लागत लगाने के बाद फसल तैयार की थी, लेकिन लगता है पानी भरने वह कहीं बर्बाद न हो जाए। -वीरपाल, किसान।