गांव मढ़नई में पोखर में डूबने से चार वर्षीय सोना की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। दादी बिलखते हुए बार-बार यही कह रही थीं कि अब उनके पोते की कलाई पर राखी कौन बांधेगा। यह सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
सोना के पिता सत्यवीर सिंह दिल्ली में प्लास्टिक कबाड़ का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके दो बच्चे हैं। चार वर्षीय सोना बड़ी संतान थी, जबकि उसका छोटा भाई अभी महज दो वर्ष का है। मासूम बेटी की असमय मौत से माता-पिता सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद परिवार की कई महिलाएं बेसुध हो गईं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। गांव में भी शोक का माहौल है। शादी की तैयारियों में जुटा परिवार कुछ ही घंटों में ऐसे गम में डूब गया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मासूम सोना की मौत से हर किसी की आंखें नम हैं और पूरे क्षेत्र में घटना की चर्चा है। संवाद