हाथरस में 18 मार्च की देर रात से रुक रुककर हुई बारिश से किसानों की गेंहू, जौ, आलू के साथ-साथ सरसों की फसलें प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से तहसीलों में टीम लगाकर फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। दूसरी ओर से फसल बीमा के जरिए किसान अपनी नुकसान फसल का आकलन करने के लिए बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों से संपर्क करने में जुटे हैं।
जिले में 18 मार्च की देर रात से रुक रुक कर हुई बारिश के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। आलू की खुदाई का कार्य पूरी तरह से थम गया। वहीं आलू में सड़न के आसार भी बढ़ गए हैं। खेतों में कटी पड़ी जौ की फसल भी पानी से बर्बाद हो गई है। तेज बारिश के कारण खेतों में गेंहू की फसल बिछ गई है। किसान अपनी फसल को बचाने में जुट गया है।
शासन की ओर से बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का आकलन लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के क्रम में सभी तहसीलों में एसडीएम को खेतों में फसल नुकसान का आकलन लगाने को कहा गया है। यह टीमें अब खेतों में बर्बाद फसल का सर्वे में जुट गई हैं। वहीं दूसरी पीएम किसान फसल बीमा के तहत भी किसान अपनी फसल का नुकसान लेने के लिए बीमा कपंनियों से संपर्क कर रहे हैं।
विगत में खरीफ की फसल में नुकसान की रिपोर्ट
कुल दावे- 152
निरस्त दावे-117
सही दावे- 35
दावे के आधार पर किसानों को भुगतान- 206417
विगत में रबी की फसल में नुकसान की रिपोर्ट
अनुपातिक आधार पर 128 किसानों को दिया गया 17.95 लाख रुपये
40 किसानों के व्यक्तिगत दावे
9.02 लाख रुपये का भुगतान
शासन के निर्देश पर सभी तहसीलों में एसडीएम के माध्यम से नुकसान फसल का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- डॉ. बसंत अग्रवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व