हाथरस के सादाबाद में ताना-बाना की जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों द्वारा धमकी, मारपीट कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के मामले में सात के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
पीतम सिंह पुत्र राम सिंह ने रिपोर्ट में बताया है कि गांव के कुछ लोगों ने ताना-बाना के कार्य हेतु आरक्षित जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। जबकि उसके पूर्वज वहां कार्य कर परिवार का पेट पाल करते थे। गांव के कुछ अन्य लोग कब्जाधारी का सहयोग कर रहे हैं। 25 अप्रैल 2023 की सुबह करीब 9:00 बजे जब उसने कब्जे का विरोध किया तो, कब्जेधारी ने अन्य कुछ लोगों के साथ मिलकर लाठी डंडों से मारपीट कर उन्हें खदेड़ दिया।
बचाव करते हुए जब वह घर की तरफ भागा तो आरोपियों ने उसकी पत्नी मीना देवी, भाभी राम बेटी के साथ लाठी डंडों से बुरी तरह मारपीट कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोपी के बेटों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पुलिस को शिकायत देने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया है कि उसने इस मामले में एसडीएम को भी शिकायत दी थी। एसडीएम ने प्रभारी निरीक्षक को नियमानुसार विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई।
पुलिस ने चार दिन बाद दबाव बनाने की नीयत से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी लगातार उसे तरह-तरह से धमका कर आतंकित कर और पलायन के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत बंगाली बाबू पुत्र खेमचंद शर्मा, गुरुचरन पुत्र अतर सिंह, सुभाष पुत्र अतर सिंह, प्रभु पुत्र अतर सिंह, मुकेश पुत्र अचल सिंह, धर्मेंद्र पुत्र बंगाली बाबू, विश्वेद्र उर्फ पंजाबी पुत्र बंगाली बाबू निवासीगण जटोई को नामजद किया गया है।
ताना-बाना का अर्थ
वस्त्र निर्माण करने के लिए लम्बाई और चौड़ाई दोनों ओर से धागे लगाए जाते हैं। खड़े (लम्बाई में) धागों को ताना कहा जाता है और आड़े (चौड़ाई में) धागों को बाना कहते हैं। इन्हीं धार्गो को आपस में फंसाने की क्रिया द्वारा ही वस्त्र का निर्माण होता है।