देश में बीते एक दशक के भीतर 44 आतंकवादी घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में अब तक 628 मौतें हो चुकी हैं और तीन हजार लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी सूचना का अधिकार के तहत उपसचिव और केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी एसके विकारा ने दी हैं।
गौरव अग्रवाल द्वारा मांगी गई सूचना में बताया गया कि 2005 में 28 दिसंबर को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बंगलौर में घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और चार अन्य लोग घायल हुए। 29 अक्तूबर 2005 को दिल्ली में सीरियल बम ब्लॉस्ट हुआ, जिसमें 50 लोगों की मौत हुईं और 105 लोग घायल हुए।
28 जुलाई को श्रमजीवी एक्सप्रेस में बम ब्लॉस्ट हुआ, जिसमें 14 लोगों की मौत हुईं और 62 घायल हुए। पांच जुलाई को अयोध्या में भी हमला हुआ, जिसमें छह मौत हुई। इनमें पांच आतंकवादी शामिल थे। चार लोग घायल हुए।
22 मई को दिल्ली के दो सिनेमा हॉल में हुए। इसमें एक मौत हुई और 69 लोग घायल हुए। इस प्रकार इन हमल में 72 मौतें हुईं और 244 घायल हुए। 2006 में भी चार घटनाएं र्हुइं। इनमें से चार घटनाओं में 238 लोगों की मौत हुई और 1,266 घायल हुए। 2007 में हुईं छह घटनाओं में 141 मौतें हुईं और 236 लोग घायल हुए। वर्ष 2008 में हुई 10 घटनाओं में 158 लोगों की मौत हुई और 633 लोग घायल हुए। 2010 में हुई नौ घटनाओं में 61 लोगों की मौत हुई और 316 लोग घायल हुए।
2012 में हुई दो घटनाओं में तीन लोग घायल हुए। 2013 में हुई चार घटनाओं में 23 मौतें और 230 घायल हुए। 2014 में हुई घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई और 18 लोग घायल हुए। 2015 में हुई एक घटना में सात लोगों की मौत हुई और 17 लोग घायल हुए। 2016 में हुई घटनाओं में आठ लोगों की मौत हुई और 37 लोग घायल हुए।